08HREG37 कार्तिक पूर्णिमा पर ऋषिकेश के गंगा घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
– देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
– अन्न, वस्त्र और धन का किया दान, चंद्रग्रहण के चलते बंद रहे मंदिर
ऋषिकेश, 8 नवम्बर ( हि.स.)। कार्तिक पूर्णिमा पर तीर्थनगरी में देश के विभिन्न प्रांतों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सूर्यनारायण को अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार गरीबों और भिक्षुओं को दान भी दिया।
मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा और चंद्रग्रहण के चलते स्नान के लिए देश के अन्य प्रांतों से श्रद्धालुओं का ऋषिकेश आना सोमवार से ही शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते स्वर्ग आश्रम और लक्ष्मण झूला से लेकर क्षेत्र के मुख्यघाट भी श्रद्धालुओं के स्नान किए जाने के कारण गुलजार रहे। घाटों पर देर तक स्नान करने और दान देने वालों का सिलसिला जारी रहा। वहीं, चंद्र ग्रहण के सूतक लगने से मंदिरों के कपाट बंद रहे और मंदिरों की घंटियों व शंखनाद भी नहीं हो पाया। त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने आराध्य देव सूर्य भगवान की पूजा अर्चना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी घाट, नाव घाट परिसर में लाइनों में बैठे भिक्षुओं को अन्न, वस्त्र और धन का दान दिया। इस दौरान नगर की सामाजिक संस्थाओं के साथ तीर्थ पुरोहित समिति और गंगा सेवा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की थी।
कार्तिक पूर्णिमा पर कई प्रांतों से काफी संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी घाट पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों के दबाव के चलते घाट रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। वहीं घाटों पर स्नान के दौरान डूबने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जल पुलिस भी बड़ी संख्या में जहां तैनात की गई और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी गश्त करती रही।