‘माता-पिता की सेवा से जीवन का होता है कल्याण’

Share

हरिद्वार, 06 जून (हि.स.)। हरि सेवा आश्रम में आयोजित वार्षिकोत्सव और संत सम्मेलन का स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूरी, हरि सेवा आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज, पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के भ्रमणशील जमात के महंत व संत सम्मेलन कार्यक्रम के अध्यक्ष रघुमुनि महाराज, कोठारी महंत दामोदर दास महाराज, कार्यक्रम के संयोजक महंत कमल दास महाराज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

संत सम्मेलन में योग गुरु बाबा रामदेव महाराज ने कहा कि गौ दर्शन, सद्गुरु देव एवं माता-पिता की सेवा से जीवन का कल्याण होता है और जीवन के सभी संताप स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव महाराज ने कहा कि अच्छे संत और गुरुदेव के दर्शन मात्र से ही जीवन के अनिष्ट समाप्त होकर जीवन का उदयमान होता है हमें अपने जीवन में अपने माता पिता सदगुरुदेव, गौ-गंगा-गीता की सेवा करते हुए सनातन धर्म को बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए योग की आवश्यकता होती है उसी प्रकार सनातन धर्म के संवर्धन और संरक्षण के लिए अच्छे और सच्चे सद्गुरुदेव की शरण और सुमरन भी जरूरी है।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि संतों के शरण में आने से अच्छे संस्कार मिलते हैं और जीवन की सभी कठिनाई दूर हो जाती हैं। आध्यात्म को जीवन में ग्रहण कर सद्मार्ग पर चलने का मार्ग प्रशस्त होता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, रानीपुर भाजपा विधायक आदेश चौहान ने भी सम्मेलन को संबोधित कर संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि संतों और गुरुदेव की कृपा से मनुष्य का कल्याण होता है क्योंकि संत और गुरु जीवन के जीने की दृष्टि बदल देते है और सद्मार्ग पर चलाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महानिर्वाणी अखाड़ा के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि हरि का दर्शन कराने के लिए महामंडलेश्वर हरि चेतन आनंद महाराज ने हरिद्वार के हरिपुर कलां के हरि सेवा आश्रम में संत महात्माओं के दर्शन करा कर शिष्यों के जीवन के सभी संताप नष्ट कर जीवन को सार्थक व उन्नत बना दिया है अच्छे सद्गुरुदेव के मिलने से ही संत महात्माओं की कृपा से भगवान के दर्शन प्राप्त होते हैं।

संत सम्मेलन को इस मौके पर स्वामी अच्युतानंद महाराज, महानिर्वाणी अखाड़ा के आचार्य पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरि, कोठारी दामोदर दास महामंडलेश्वर प्रेमानंद महाराज, महामंडलेश्वर विज्ञानानंद महाराज, विवेकानंद महंत दुर्गादास, महंत ऋषिश्वरानन्द, बाबा हठयोगी, महंत दिनेश दास महाराज ने संबोधित किया।