— श्री श्री अन्नदा देवी मातृ आश्रम में तीन दिवसीय आयोजन 26 से
वाराणसी,22 मई (हि.स.)। श्री श्री अन्नदा देवी द्वारा स्थापित अन्नदा देवी कन्या गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय का स्वर्ण जयंती समारोह 26 मई से मनाया जायेगा। समारोह में ही अन्नदा देवी की अनन्य शिष्या श्री श्री 108 गंगा देवी पंचतीर्थ वेदान्द सरस्वती का आर्विभाव दिवस भी भव्य उत्सव के रूप में मनाया जायेगा। शिवाला स्थित आश्रम में इसकी तैयारियां जोर-शोर से हो रही है। रविवार को आश्रम प्रांगण में आयोजित पत्रकार वार्ता में आश्रम की अध्यक्ष एवं संचालिका,उत्सव समिति की अध्यक्ष ट्रस्टी डाॅ. कल्याणी देवी एवं प्रबंध समिति के सदस्य व उत्सव कमेटी के उपाध्यक्ष डाॅ. सिद्धनाथ श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से ये जानकारी दी।
डॉ. कल्याणी ने बताया कि सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कन्या गुरुकुल की स्थापना का इस वर्ष 50वां वर्ष है। यह अविस्मरणीय दिन और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जयंती समारोह संग श्री श्री गंगा देवी का आविर्भाव दिवस भी दिव्य रूप से मनाया जाएगा। इसी उपलक्ष्य में तीन दिवसीय उत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्सव के पहले दिन सुबह साढ़े पांच बजे कीर्तन का शुभारंभ होगा। सुबह आठ बजे ठाकुरजी की शृंगार आरती होगी।
सुबह नौ बजे भगवान का अभिषेक व पंचामृत स्नान होगा। सुबह 10.30 बजे शंख ध्वनि एवं आर्विभाव स्मरण होगा। वहीं, सायं पांच बजे आर्विभाव महोत्सव की शुरुआत होगी। इसके मुख्य अतिथि सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी होंगे। पहले दिन गंगादेवी की शिष्या एवं उत्तराधिकारी ब्रह्मचारिणी गौरी देवी द्वारा हिन्दी में अपनी गुरुमाता के जीव दर्शन पर लिखित पुस्तक ‘श्री श्री 108 गंगादेवी पंचतीर्थ वेदांत सरस्वती जीवन दर्शन” का लोकार्पण होगा। उन्होंने बताया कि उत्सव के दूसरे दिन सुबह जप-यज्ञ, विशेष श्रृंगार आरती, वेदपाठ एवं विष्णु सहस्रनाम पाठ होगा। वहीं, सायं पांच स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जाएगा। इसमें छात्राओं द्वारा स्वागत गान, नृत्य होगा। इसी तरह तीसरे दिन सुबह अखंड गीतापाठ, विशेष शृंगार आरती, संकीर्तन एवं गीता पाठ का समापन होगा। सायं पांच बजे समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि असम सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर अशोक सिंघल सम्मिलित होंगे।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा शैक्षणिक प्रर्दशन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाएगा। वहीं, ब्रह्मचारिणी गौरी देवी द्वारा बांग्ला भाषा में रचित पुस्तक ‘ब्रह्ममयी माईजी” का लोकार्पण भी होगा।