भोपाल, 21 मई (हि.स.)। सामाजिक समरसता के साथ सामाजिक न्याय भाजपा का मूल मंत्र है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा दिया है। हम इस रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे, सामाजिक न्याय के लिए काम करते रहेंगे। कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण में रोड़े अटकाने के भरपूर प्रयास किए। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कांग्रेस की यही रणनीति रही, लेकिन हम सबके सामूहिक प्रयासों से कांग्रेस को हर जगह मुंह की खानी पड़ी। अब यही कांग्रेस हमारा विरोध कर रही है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है। हमें कांग्रेस की इन कोशिशों को कामयाब नहीं होने देना है।
यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पिछड़ा वर्ग के आभार समारोह को संबोधित करते हुए कही। ओबीसी आरक्षण के लिए किए गए प्रयासों के लिए पिछड़ा वर्ग द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सम्मान किया और आभार जताया। इस समारोह में पिछड़ा वर्ग की विभिन्न समाजों के नेता, भाजपा नेता एवं पदाधिकारी, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण शामिल हुए।
पिछड़ा वर्ग को न्याय दिलाने का संकल्प आज पूरा हो गया
समारोह में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज मैं पूरी तरह से संतुष्ट हूं, आनंद से भरा हुआ हूं। आज मन में जितना आनंद भरा हुआ है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। अगर कोई मुझसे यह पूछे कि 16 साल के मुख्यमंत्री काल में कौन सा ऐसा काम किया है, जिसने दिल को सुकून दिया हो तो मैं कहूँगा कि ओबीसी के आरक्षण के चुनाव करा पाना। उन्होंने कहा कि मैंने विधानसभा में संकल्प लिया था ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव कराने का। कमलनाथ जी के सामने कहा था कि अगर कोई साथ देगा तो उसके साथ, कोई साथ नहीं देगा तो उसके बिना, अगर कोई विरोध करेगा तो उसके बावजूद हम ओबीसी आरक्षण के साथ ही मध्यप्रदेश में चुनाव कराएंगे। आज यह संकल्प पूरा हो गया है।
ओबीसी विरोध का रहा है कांग्रेस का इतिहास
चौहान ने कहा कि आज कांग्रेस हम पर आरोप लगा रही है, कमलनाथ बंद का आह्वान कर रहे हैं। मैं कांग्रेस नेता कमलनाथ, सोनिया जी, राहुल जी, प्रियंका जी और जितने भी जी हैं, सभी से यह पूछना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में आपके सहयोग वाली सरकार है, वहां क्यों चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिला? ओबीसी हितैषी होने का दंभ भरने वाले ये लोग महाराष्ट्र में क्यों ओबीसी को आरक्षण नहीं दिला पाए? वहां बिना ओबीसी आरक्षण के ही पंचायत चुनाव हो गए। लेकिन हमने मध्यप्रदेश में इसके लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके कमलनाथ जैसे नेताओं का विचार ही ओबीसी विरोधी रहा है। 1952 से लेकर 1972 तक के चुनाव में कभी कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के बारे में नहीं सोचा। 1977 में मंडल कमीशन बना, उसकी रिपोर्ट भी आई, लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। 1989 में वीपी सिंह की सरकार ने उसे लागू किया।
वोट बैंक की राजनीति के लिए दिखावा करती रही कांग्रेस
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने ओबीसी को वोटबैंक समझकर उसका राजनीतिक दोहन किया, कभी यह नहीं चाहा कि ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण मिले। कांग्रेस ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा तो की, लेकिन हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अपने एडव्होकेट जनरल को ही नहीं भेजा। कांग्रेस ने न तो अदालतों में कैविएट दायर की, न स्टे हटवाने की पहल की और न ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने के लिए कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जब ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव की बात कही, तो कांग्रेस इसके खिलाफ पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट चली गई। अगर गहराई से देखें, तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस लगाने वाले सभी पक्षकार कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ही थे। जब सुप्रीम कोर्ट ने बिना आरक्षण के चुनाव कराने का आदेश दिया, तो सबसे ज्यादा खुश भी ये कांग्रेसी ही हुए। कांग्रेस की पूरी कोशिश थी कि पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ न मिले, वह सिर्फ दिखावा करती रही। उन्होंने कहा कि सब जगह से हार चुकी कांग्रेस अब आरक्षण के मुद्दे पर लोगों को भड़काने, भ्रमित करने और समाज को तोड़ने का काम कर रही है, लेकिन इसे हमें सफल नहीं होने देना है।
ओबीसी को न्याय दिलाना ही रहा उद्देश्य
चौहान ने कहा कि देश में दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने का काम किया हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने। उन्होंने ही पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि ओबीसी को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता था और इसके लिए हमने हर संभव प्रयास किये। हमने 27 प्रतिशत आरक्षण की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी। कोर्ट के कहने पर गौरीशंकर बिसेन जी की अध्यक्षता में पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया। इस आयेग ने गांव-गांव घूमकर रिपोर्ट तैयार की। पूरी सरकार हमने इस काम में लगा दी थी। दिन और रात हमारे दफ्तरों ने काम किया और निकायवार रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सबमिट किया। मैं स्वयं निवेशकों से मिलने के लिए विदेश जाने वाला था, लेकिन मैंने सब कैंसिल किया और संकल्प लिया कि ओबीसी वर्ग को न्याय दिलाएंगे। आज मैं गर्व के साथ कह रहा हूं कि हम न्याय दिलाने में सफल रहे।