हरिद्वार, 21 मई (हि.स.)। ब्रह्मलीन संत बाबा जोगिंदर सिंह निर्मल आश्रम हरीपुरा संगरिया राजस्थान वालों की अस्थियां श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के संतों के संयोजन में कनखल स्थित सती घाट पर विधि विधान से गंगा में प्रवाहित की गईं।
135 वर्षीय संत ब्रह्मलीन बाबा जोगिंदर सिंह महाराज की अस्थि कलश यात्रा निर्मल अखाड़ा से बैण्ड बाजों के साथ बाजारों से होते हुए सती घाट पहुंची। सती घाट पर पूर्ण वैदिक विधान व मंत्रोच्चारण के साथ संतों ने अस्थियां गंगा में प्रवाहित की। अस्थि प्रवाह के बाद संतों ने अखाड़ा में शबद कीर्तन और अरदास कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि संतों का जीवन सदैव परोपकार को समर्पित रहता है।
कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन बाबा जोगेंद्र सिंह महाराज का जीवन निर्मल जल के समान था। उनकी कार्यकुशलता और सहजता सभी के लिए प्रेरणादायक है। युवा संतों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाज उत्थान में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए। वास्तव में वह एक युगपुरुष थे।
इस दौरान महंत प्यारा सिंह, महंत अमनदीप सिंह, हरिसिंह, हरबेअंत सिंह, सुखदेव सिंह, महंत अवतार सिंह, महंत अजब सिंह, ज्ञानी महंत खेम सिंह, महंत निर्भय सिंह, संत तलविंदर सिंह सहित कई संत महापुरुष उपस्थित रहे।