नई शिक्षा नीति से समाज और देश दोनों मजबूत : प्रो अखिलेश

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-नई शिक्षा नीति से बच्चों को अमर शहीदों और महापुरुषों के बारे में मिलेंगी जानकारी

सुलतानपुर, 21 मई (हि.स.)। नई शिक्षा नीति से समाज और देश दोनों मजबूत होगा। आने वाली पीढ़ियों के बच्चों को नई शिक्षा नीति का लाभ मिलेगा। देश के अमर शहीदों और महापुरुषों के बारे में अच्छी जानकारी हासिल करेंगे। अमर शहीदों और हमारे महापुरुषों ने देश की संस्कृति, अपनी सभ्यता को बचाने के साथ-साथ धर्म की रक्षा के लिए विषम परिस्थितियों में कितना संघर्ष किया है, आने वाले समय में इसकी जानकारी हमारे बच्चों को मिल सकेगी।

सुलतानपुर जिले के ब्लॉक अखंडनगर के बेहराभारी ग्राम के निवासी एवं मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पांडेय शनिवार को पयागीपुर डाकबंगले में अपने अनुभव को साझा किया और कई बिंदुओं पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुगल और ब्रिटिश शासन काल में देश अत्यंत विषम परिस्थितियों से गुजरा और हमारी सभ्यता, हमारे धर्म को काफी चोट पहुंचाई गई। परन्तु इन विषम परिस्थितियों में भी हमारे कई महापुरुषों ने दासता स्वीकार न कर अपने प्राणों की आहुति देना मुनासिब समझा। जिन महापुरुषों और अमर शहीदों ने संघर्ष के रास्ते पर चलकर देश को बचाने का काम किया था, उनके बारे में आजादी के बाद किताबों के जरिए बच्चों को कुछ न बताकर दूसरों को महिमामंडित किया गया। लेकिन अब नई शिक्षा नीति से आने वाली पीढ़ियों के बच्चे अमर शहीदों और महापुरुषों के बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के पढ़ने से बच्चों को गर्व महसूस होगा कि हम हिंदुस्तान के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि हर अभिभावक शुरुआत के 3 वर्षों तक बच्चों के अच्छे गुरु होते हैं। शुरुआती दौर की शिक्षा ही बच्चों को ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करती है। उन्होंने आगे कहा कि विलुप्त हो रही गुरुकुल शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि गुरुकुल शिक्षा हमारे संस्कृति से जुड़ी हुई है।

कुलपति प्रो. अखिलेश पांडेय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मध्य प्रदेश में सर्वप्रथम विक्रम विश्वविद्यालय में लागू करने के लिए एनवायरमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी खजुराहो, प्राणीशास्त्र एवं जैविक प्रौद्योगिकी विभाग शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय जबलपुर द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। प्रोफ़ेसर पांडे कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठीयों में भी भाग लेते हुए अपने सैकड़ों शोधपत्रों को प्रस्तुत किया है। उन्होंने 240 शोध पत्रों के साथ ही इनके निर्देशन में 61 छात्रों ने डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त किया है।

श्री पांडे ने बताया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विक्रम विश्वविद्यालय ऐसा ग्रीन विश्वविद्यालय होगा जहां 100% सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली का उत्पादन कर यूनिवर्सिटी के भवनों को रोशन किया जाएगा। आने वाले समय में विश्वविद्यालय के सभी भवनों पर सोलर प्लांट लगाकर 100 किलोवाट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य है। कुलपति ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में 230 से अधिक स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के कोर्स चल रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता विजय सिंह रघुवंशी ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर अखिलेश पांडेय अत्यंत सरल और मृदुभाषी है। ईमानदारी और सादगी उनमें कूट-कूट कर भरी है। एकदम साधारण व्यक्तित्व के धनी और साधारण सा रहन-सहन, यही इनकी पहचान है।