मन्दसौर 18 मई (हि.स.)। देवर्षि नारद का ध्येय सदैव सर्वहित कारी,लोक मंगल व समग्र सृष्टि के कल्याण का ही रहा। इसलिए उन्हें सृष्टि का प्रथम पत्रकार माना जाता है। वे पत्रकारों के लिए आदर्श हैं। राष्ट्र के निर्माण में पत्रकारों की महती भूमिका रहती है। यह विचार मंदसौर जिला प्रेस क्लब व विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित देवर्षि नारद जयंती पर आयोजित व्याख्यान समारोह में मुख्य वक्ता समाजशास्त्र परिषद राजस्थान के अध्यक्ष प्रो.आशुतोष व्यास ने व्यक्त किए।
प्रो. व्यास ने कहा कि मनोरंजन उद्योग ने नारद की छवि को एक विदूषक के रूप में प्रस्तुत किया जो घोर आपत्तिजनक है। उनके आदर्श व सर्वमंगलकारी व्यक्तित्व ही उन्हें प्रथम पत्रकार होने का सम्मान देते हैं। प्रो.व्यास ने कहा कि वर्तमान में प्रिंट मीडिया के साथ इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया का भी इतना विस्तार हो गया है कि सूचना और संचार क्रांति ने जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। खोजी पत्रकारिता से पत्रकारों ने अनेक अनछुए विषयों का और मुद्दों का खुलासा किया सामाजिक बुराइयों को दूर करने में पत्रकरिता का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्योगपति प्रदीप कुमार कीमती और अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर नरेंद्र सिंह राजावत ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। देवर्षि नारद व मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।