–जमानत की फाइल कोर्ट में समय से पहुंचाने की करें व्यवस्था
–अपर शासकीय अधिवक्ता को तैयारी का पूरा मिले मौका
प्रयागराज, 17 मई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के नवनियुक्त महाधिवक्ता को कहा है कि पाक्सो एक्ट के तहत अभियुक्तों की जमानत अर्जी की सरकारी फाइल कोर्ट में पहुंचे, इसका उपाय करें। यह जरूरी है ताकि कोर्ट को सहयोग मिल सके और कोर्ट का कीमती समय बर्बाद न होने पाये।
कोर्ट ने कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय हाईकोर्ट भवन के पास ही है फिर भी फाइल कोर्ट में नही पहुंच रही है। इस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि सोएब केस में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जमानत मामलों की पूर्व तैयारी करने की गाइडलाइंस जारी करने का निर्देश दिया था। जिस पर हलफनामा दाखिल कर बताया गया था कि पाक्सो एक्ट के अभियुक्त की जमानत अर्जी की फाइल एक दिन पहले शाम चार बजे तैनात सभी अपर शासकीय अधिवक्ताओं को प्राप्त करने के निर्देश दिये गये है। ताकि उन्हें तैयारी का पर्याप्त मौका मिले और वे अदालत को सहयोग कर सकें।
कोर्ट ने कहा इस हलफनामे का पालन नहीं किया जा रहा है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है। जिस पर कार्रवाई के लिए महाधिवक्ता को आदेश की प्रति दी जाय। कोर्ट ने कहा है कि जुनैद केस में पाक्सो एक्ट के अभियुक्त की जमानत अर्जी की पीड़ित पक्ष को त्वरित जानकारी देने और उसे निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देशों पर भी ठीक से अमल नहीं किया जा रहा है। विधिक सेवा समिति हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने अर्जी को सुनवाई हेतु 30 मई को पेश करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने संजय कुमार उर्फ पिंटू की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है। याची पाक्सो एक्ट के तहत अपराध का आरोपी हैं। मुकदमे का ट्रायल चल रहा है। पीड़िता की तरफ से पक्ष नहीं रखा गया। कोर्ट ने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व विधिक सेवा समिति हाईकोर्ट को इस मामले में निर्देश दिए गए हैं कि बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट पीड़िता को दी जाय। जमानत अर्जी दाखिल होने की सूचना के साथ निःशुल्क अधिवक्ता दिया जाय और पीड़िता को संरक्षण दिया जाय। इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। समिति के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता को संरक्षण प्रदान किया गया है किन्तु संवाद की कमी है। बेहतर जानकारी देने के लिए कोर्ट से समय मांगा।