आईपीएल 2022 में अपने अद्भुत नेतृत्व कौशल से सुर्खियां बटोर रहे सैमसन, चैम्पियन बनने की राह पर राजस्थान

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नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। अपने शुरुआती समय से, भारतीय क्रिकेट हमेशा कप्तानी के मामले में भाग्यशाली रहा है। सीके नायडू से लेकर कपिल देव, सुनील गावस्कर से लेकर सौरव गांगुली और एमएस धोनी से लेकर विराट कोहली तक, इन सभी ने अपने कुशल नेतृत्व से भारतीय टीम की दिशा व दशा बदल दी।

जिस चीज ने इन खिलाड़ियों की कप्तानी को महान बनाया, वह था उनका महान नेतृत्व कौशल। चाहे वह टीम को प्रेरित करने की बात हो, अपने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास दिखाने की, प्रतिद्वंद्वी को मात देने की रणनीति बनाने की, या मुश्किल परिस्थितियो में शांत रहने की, ये लीडर अपनी टीम पर अपना भरोसा दिखाने में कभी असफल नहीं हुए। हाल ही में आईपीएल 2022 के इस सीजन में एक नया नाम अपने अद्भुत नेतृत्व कौशल के लिए सुर्खियां बटोर चुका है। जी हां, हम बात कर रहे हैं राजस्थान रॉयल के कप्तान संजू सैमसन की।

चाहे नए खिलाड़ियों के रोटेशन की बात हो या स्पिनिंग कॉम्बो को पेश करने की, राजस्थान रॉयल्स की टीम ने इस आईपीएल सीज़न में संजू की कप्तानी में कई प्रयोग किए हैं। केरल के प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू की कप्तानी में राजस्थान ने आईपीएल 2022 की अंक तालिका में शीर्ष 2 में अपना स्थान बना लिया है।

2008 में अपने उद्घाटन संस्करण में राजस्थान रॉयल्स ने शेन वार्न की कप्तानी में आईपीएल का खिताब जीता है। अब, इस सीज़न में उनकी लगातार जीत के साथ, आरआर के आईपीएल ट्रॉफी जीतने की संभावना पहले से कहीं अधिक है। राजस्थान के पास एक विस्फोटक बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्रम है। लखनऊ के खिलाफ मैच में ब ट्रेंट बोल्ट ने दो गोल्डन डक आउट किए। बेशक, हम इस पूरे सीजन में युजवेंद्र चहल और अश्विन के अनुकरणीय प्रदर्शन को नहीं भूल सकते। चहल ने अब तक 24 और अश्विन ने 10 विकेट लिए हैं। सैमसन जानते हैं कि विकेट लेने के लिए अपने गेंदबाजों को सही क्षेत्रों में कैसे और कब इस्तेमाल करना है।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मैथ्यू हेडन का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स के पास इस सीजन में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी लाइन-अप है और उन्होंने संजू सैमसन को बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल करने के लिए बधाई दी है। सैमसन ने अपने खिलाड़ियों को लगातार रोटेशन की अपनी रणनीति का इस्तेमाल किया है, जिससे उन्हें अपने क्षेत्रों, उनकी रेखाओं और लंबाई तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। अपने खिलाड़ियों में उनका विश्वास और आत्मविश्वास उन्हें टीम का आदर्श कप्तान साबित करता है। उन्होंने कुलदीप सेन और रयान पराग को प्लेइंग इलेवन में चुना और उन्हें स्वतंत्र रूप से खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। दोनों खिलाड़ी अब तक उम्मीदों पर खरे उतरे हैं।

सैमसन ने अपने दृष्टिकोण में एक अलग बदलाव किया। उन्होंने अपनी टीम की मांगों के अनुरूप अपनी खेल शैली को समायोजित करना शुरू कर दिया। इस सीजन में राजस्थान के शानदार प्रदर्शन का श्रेय काफी हद तक कप्तान संजू सैमसन को जाता है। उनकी टीम के लिए उनकी रणनीति अब तक काफी कारगर रही है। कई बार वह अपनी टीम के लिए तारणहार रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ, एक कप्तान की पारी खेलते हुए, सैमसन ने 27 गेंदों में 55 रन की शानदार पारी खेली। प्लेयर ऑफ द मैच संजू सैमसन, जो राजस्थान रॉयल्स के लिए अपना 100वां मैच खेल रहे थे, ने देवदत्त पडिक्कल के साथ मिलकर 39 गेंदों पर 73 रन की शानदार साझेदारी की। संजू सैमसन ने इस सीजन में 13 मैचों में 153.41 के स्ट्राइक रेट से 359 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक भी जड़े।

यह कहने के लिए पर्याप्त है कि सैमसन का अपरंपरागत नेतृत्व उसके लिए चमत्कारिक साबित हो रहा है। उनके प्रति उनकी टीम की मजबूत आत्मीयता उनके प्रति उनके जबरदस्त सम्मान को साबित करती है। एक महान लीडर की तरह, सैमसन हमेशा आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम की कमान संभालने के लिए आगे आते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में युवा कप्तान टीम को किस मुकाम तक पहुंचाते हैं।