नैनीताल, 11 मई (हि.स.)। नगर में गत 5 मई को प्रशासन के चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान को आतंकी संगठन आईएसआईएस के साथ जोड़ते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया था।
28 सेकेंड के इस वीडियो के मामले में मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने मंगलवार की देर रात्रि अज्ञात के विरुद्ध सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने व धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 295 व 193 ए के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर दिया है। नगर कोतवाली प्रीतम सिंह ने बताया कि मामले की जांच एसएसआई दीपक बिष्ट को सोंपी गई है।
सर्वधर्म की नगरी में साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला अपनी तरह के इस पहले मामले को एक तरह से प्रशासनिक कार्रवाई को खुली चुनौती भी माना जा रहा था। इस मामले में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नितिन कार्की ने मल्लीताल कोतवाली में शिकायती पत्र सौंपकर कहा था कि प्रायोजित तरीके से समाज में भय का वातावरण उत्पन्न करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया गया है। नगर कोतवाल प्रीतम सिंह ने कहा है कि जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वीडियो में नैनीताल में चले अतिक्रमण विरोधी अभियान के वीडियो के साथ पुरुष की आवाज में कहा गया था, आज जुल्मोसितम का दौर है, पर इंसाफ का भी एक दौर आएगा। हो सकता है तुम हमें मिटा दो इस प्यारे वतन से, पर तुम्हें मिटाने कल कोई और आएगा।’ इस वीडियो के पीछे आईएसआईएस के वाहन एवं झंडे दिखाई दे रहे थे, तथा ‘अल्ला हू अकबर’ जैसे धार्मिक शब्द भी सुनाई दे रहे थे।