औरैया, 08 मई (हि.स.)। एक पहल सेवा समिति द्वारा स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत 7 वर्षों से अनवरत अंत्येष्टि स्थलों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं। जिसके अंतर्गत रविवार को शमशान स्थलों पर 134 वें चरण का सफाई अभियान चलाया गया। समिति के सदस्यों ने सफाई यंत्रों के सहयोग से लगभग दो कुंतल कचरा-अपशिष्ट, प्लास्टिक व पॉलीथिन आग द्वारा नष्ट किया। उसके उपरांत यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि प्राकृतिक धरोहर देश की प्रमुख पावन नदियों के अस्तित्व को बचाने के मद में करोड़ों रुपया खर्च करने वाली नमामि गंगे जैसी बड़ी योजनाओं को चलाकर तथा सरकार के तमाम भागीरथ प्रयासों के बाद भी नदियों के जल की स्वच्छता पर संकट के बादल घिरते चले जा रहे हैं।
गौरतलब हैं कि, औरैया शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कई गंदे नाले यमुना नदी में लगातार गिर रहे हैं, जिससे आस्था की यमुना मैली होती चली जा रही है। जलीय प्रजातियां धीरे-धीरे विलुप्त होते चले जा रहे हैं। तमाम धार्मिक पर्वों पर लोग पावन यमुना नदी में अपनी आस्था की डुबकी लगाने आते हैं, जबकि यमुना जल अव आचमन करने के योग भी नहीं है। समिति के सदस्यों ने करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र यमुना नदी के धार्मिक अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से यमुना नदी में अनवरत गिर रहे गंदे नालों पर रोक लगाने की मांग की हैं।
बैठक के उपरांत शमशान स्थल की प्रतिदिन सफाई करने वाले सफाई कर्मी रज्जन बाल्मीकि को यमुना घाट सेवा समिति के सदस्य सभासद छैया त्रिपाठी ने रुपया दो हजार मासिक वेतन प्रदान किया। बैठक के समापन पर होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. ओमवीर सिंह ने समिति द्वारा संचालित वैकुंठ रथ सेवा की वार्षिक सदस्यता ग्रहण की। मौजूद सदस्यों ने उनका हृदय से अभिनंदन किया।
अभियान व बैठक में प्रमुख रूप से बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी शेखर गुप्ता, सुनील अवस्थी, मोहित अग्रवाल(लकी), रानू पोरवाल, मनीष पुरवार (हीरू), अनूप बिश्नोई, संजय अग्रवाल, ऋषभ पोरवाल, अर्पित दुबे एडवोकेट, मयंक गुप्ता, अंकित धर्मेंद्र सिंह परिहार, आनन्द गुप्ता(डाबर), कपिल गुप्ता, आदित्य पोरवाल, रमेश कुमार प्रजापति, देवेंद्र गुप्ता, व्यापारी नेता नीरज पोरवाल, अर्पित गुप्ता, सतीश पोरवाल, रज्जन बाल्मीक आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।