-पत्रकारों ने हरिद्वार सांसद को सौंपा ज्ञापन
हरिद्वार, 07 मई (हि.स.)। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मध्य परिसंपत्ति बंटवारे से नाराज पत्रकारों ने पुनर्विचार करने की मांग को लेकर हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को ज्ञापन सौंपा।
वरिष्ठ पत्रकार गोपाल रावत के नेतृत्व में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन देते हुए बताया कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मध्य 18 नवंबर 2021 को लखनऊ में बैठक हुई थी। इसमें दोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। जिसमें हरिद्वार के लैंड रिकार्ड में 2009 से दर्ज आरक्षित कुंभ मेला परियोजन की भूमि का स्वामित्व उत्तर प्रदेश को देने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सहमति हैरान करने वाली है। अब हरिद्वार में कुंभ-अर्द्धकुंभ के आयोजन के साथ वर्ष भर होने वाले लक्खी मेलों का आयोजन करने के लिए उत्तर प्रदेश की अनुमति लेनी होगी। इसी प्रकार सिंचाई नहरों में हेड से 100 मीटर की दूरी तक उत्तर प्रदेश का कब्जा रहेगा। उधमसिंह नगर में धौरी बेगुल, नानक सागर जलाशय में पर्यटन व जल क्रीड़ा के लिए भी उत्तर प्रदेश की अनुमति लेनी होगी।
ज्ञापन में हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मांग की गई कि वह राज्य विरोधी निर्णय पर पुनर्विचार कराने के लिए हस्तक्षेप करें तथा मुख्यमंत्री से वार्ता करें। ज्ञापन के साथ उन्हें 18 नवंबर 2021 की बैठक में बनी राज्य विरोधी सहमति का कार्यवृत की प्रति भी दी गई है। हरिद्वार सांसद निशंक ने ज्ञापन लेते हुए कहा कि उत्तराखंड के हितों के खिलाफ भाजपा सरकार कोई काम नहीं करेगी, कुछ कमी रह गई होगी तो उसमें आवश्यक सुधार कराया जाएगा।