– श्रद्धालुओं ने अपने व अपने परिवार की सलामती के लिए किया दीपदान
औरैया, 07 अप्रैल (हि.स.)। विचित्र पहल सेवा समिति गुरुवार को यमुना जयंती के पावन अवसर पर यमुना आरती का आयोजन किया। समिति के सदस्यों ने यमुना मैय्या की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ उनका गुणगान करते हुए घंटा शंख आदि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के साथ के साथ की दिव्य आरती की।
समिति के संस्थापक ने बताया कि यमुना का उद्गम यमुनोत्री से है। यमुनोत्री जाए बिना उस क्षेत्र की यात्रा अधूरी मानी जाती है। गढ़वाल क्षेत्र की यह 65 सौ मीटर सबसे बड़ी चोटी है। इसे सुमेर भी कहते हैं। इसके एक भाग का नाम कलिंद है, यहीं से यमुना प्रारंभ होती हैं। समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष नवरात्र की छठ को यमुना जयंती के पावन अवसर पर यमुना आरती का भव्य आयोजन यमुना तट पर स्थित विश्रांत पर धूमधाम से मनाया जाता हैं।
यमुना मैय्या की आरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने दीपदान के अंतर्गत अपने व अपने परिवार की सलामती, सुख-समृद्धि, शांति व संपन्नता हेतु अपनी आस्था का एक एक दीपक यमुना मैय्या को समर्पित किया। समिति के संस्थापक ने बताया कि यमुना और यमराज परम तेजस्वी सूर्य देवता की संतान हैं।
यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था।कि यमुना में स्नान करने वाले प्राणी को कभी यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। नव संवत्सर शुरू होते ही छह दिन बाद छठ को यमुना अपने भाई यमराज को छोड़कर धरा धाम पर आ गई थी। इसलिए नवरात्र छठ को यमुना जयंती धूमधाम से मनाई जाती है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.एस.एस.परिहार, डॉ.ओमवीर सिंह, डॉ. अभय कांत अग्रवाल, वन विभाग के रेंजर लक्ष्मी कांत दुबे, सभासद छैया त्रिपाठी, बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी शेखर गुप्ता, तेज बहादुर वर्मा, शिक्षक अनुराग गुप्ता, आनन्द गुप्ता आदित्य लक्ष्यकार, रज्जन बाल्मीकि आदि दो सैकड़ा श्रद्धालु मौजूद रहें।