–नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मानित
–एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने दिया सम्मान
प्रयागराज, 04 अप्रैल (हि.स.)। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ तारिक महमूद को देश के फेफड़ा रोग की प्रतिष्ठित सोसाइटी नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन की ओर से फेलोशिप पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। प्रोफेसर डॉ तारिक महमूद को यह पुरस्कार वाराणसी में 31 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित फेफड़ा रोग की राष्ट्रीय संगोष्ठी में फेफड़ा रोग पर किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह सम्मान एम्स दिल्ली के निदेशक डा रणदीप गुलेरिया ने प्रदान किया। इस दौरान देश के तीन और फेफड़ा रोग विशेषज्ञ को भी सम्मानित किया गया।
यह जानकारी डॉ तारिक महमूद ने सोमवार को देते हुए बताया कि वाराणसी में आयोजित फेफड़ा रोग की संगोष्ठी में उन्होंने टीबी रोग से मिलती जुलती बीमारी एंटीएम इंफेक्शन पर विस्तृत रूप से चर्चा की। डॉ तारिक महमूद ने कहा कि एनटीएम इंफेक्शन रोग के बैक्टीरिया मनुष्य के शरीर के बाहर भी जीवित रहते हैं। जैसे कि पानी में तथा जमीन आदि में और मानव शरीर में भी रहते हैं। यह टीवी के बैक्टीरिया की तरह ही होते हैं। साथ ही इसी प्रकार की बीमारी भी करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जांच केवल बलगम के कल्चर तथा ब्रांकियल वाश तथा लवाज के कल्चर से तथा सीने के सीटी स्कैन तथा सीबीनॉट आदि से होती है।
डॉक्टर महमूद ने बताया कि टीवी के रोगियों में लगभग 2 से 3 फीसद रोगी एनटीएम के होते हैं साथ ही जांच में समस्या भी उत्पन्न करते हैं। कहा कि उपचार करने में कठिनाई भी उत्पन्न होती है। इस प्रकार के रोगी जिनको टीवी के इलाज से लाभ ना मिल रहा हो, उन्हें एनटीएम की जांच जरूर करना चाहिए। कहा कि ऐसे में फेफड़ा विशेषज्ञ से संपर्क अवश्य करना चाहिए। डॉ तारिक का यह भी कहना है कि टीवी रोग उन्मूलन कार्यक्रम में एनटीएम समस्या के रूप में बड़ी तेजी से उभर रहा है। उधर डॉ तारिक महमूद को सम्मानित किए जाने पर एमएलएन मेडिकल कॉलेज के तमाम डॉक्टरों ने बधाई दिया है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में आयोजित संगोष्ठी में देश भर के लगभग 3000 फेफड़ा रोग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।