प्रतापगढ़, 04 अप्रैल (हि.स.)। लालगंज तहसील में तैनात नायब नाजिर हत्याकांड को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं तथा कर्मचारियों में उबाल देखा गया। नाराज कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट और तहसील में तालाबंदी कर दी तो कर्मचारियों के समर्थन में सड़क पर उतरे वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नाराज अधिवक्ता तथा कर्मचारी नायब नाजिर सुनील शर्मा की हत्या के आरोपी एसडीएम रहे ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। हालांकि शासन ने हत्या का अभियोग पंजीकृत होते ही आरोपी एसडीएम ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है।लालगंज तहसील में तैनात नायब नाजिर सुनील शर्मा की तीस अप्रैल को तहसील कालोनी में तत्कालीन एसडीएम ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा डण्डे से पिटाई की गयी थी। इसके चलते तबियत खराब होने पर पीड़ित नायब नाजिर सुनील शर्मा ने शनिवार की देर शाम जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतक के बेटे की तहरीर पर आरोपी निलम्बित एसडीएम ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह समेत तीन अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है।
सोमवार को तहसील खुलते ही साथी की बर्बर पिटाई से हुई मौत को लेकर अभी तक आरोपित निलम्बित एसडीएम की गिरफ्तारी न होने पर कर्मचारी खफा हो गये। कर्मचारियों ने तहसील के सभी पटलों में तालाबंदी कर दी। इससे प्रशासनिक व न्यायिक कामकाज ठप हो गया। इधर कर्मचारियों के समर्थन में वकीलों ने भी आरोपी ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ तीखे तेवर में आ गये। नाराज वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस बीच नये एसडीएम अरूण कुमार सिंह भी तहसील पहुंच गये। तहसीलदार जावेद अंसारी के साथ तहसील पहुंचे एसडीएम कर्मचारियों व अधिवक्ताओं के आक्रोश का रूख भांप कर तत्काल निरीक्षण गृह वापस चले गये। विरोध करने वाले अधिवक्ताओं की मांग है कि आरोपित एसडीएम की फौरन गिरफ्तारी हो। वहीं नायब नाजिर की हत्या के तीसरे दिन भी फरार हुए निलम्बित एसडीएम का कहीं कोई अता-पता नहीं चल सका।
हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में हो हत्याकांड की जांच
तहसील में तैनात रहे नायब नाजिर सुनील शर्मा की हृदय विदारक मृत्यु पर आल इण्डिया रूरल बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने संपूर्ण घटनाचक्र में प्रशासनिक लापरवाही को अन्याय की पराकाष्ठा करार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र के जरिए ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा है कि घटना में दोषियों को निष्पक्ष जांच के जरिए कड़ा से कड़ा दण्ड मिल सके, इसके लिए न्याय हित में प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के लिए सम्पूर्ण घटनाचक्र की राज्य सरकार हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराये। वहीं उन्होनें मृतक नायब नाजिर सुनील शर्मा की निराश्रित मासूम बेटी के पठन-पाठन का भी सरकार से खर्च उठाते हुए कन्या सुरक्षा बीमा के तहत पचास लाख के बीमा कराये जाने की भी मांग उठाई है।