-भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी तनाव भी चिंता का सबब
-यूक्रेन पर हमला रोके रूस, छोटे देश पर आक्रामकता अक्षम्य
इस्लामाबाद, 2 अप्रैल (हि.स.)। पाकिस्तान में मचे सियासी घमासान के बीच वहां के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को इस्लामाबाद सिक्योरिटी डायलॉग के मंच से उन्होंने कश्मीर मसले पर संवाद व कूटनीति से समाधान पर सहमति जताई।
जनरल बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति से चाहता है। इसमें कश्मीर का विवाद भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मसले पर आगे बढ़ने को तैयार है, यदि भारत भी इस दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हो। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया की एक तिहाई आबादी किसी न किसी संघर्ष से जूझ रही है, ऐसे में अपने क्षेत्र को टकराव की लपटों से दूर रखना जरूरी है। उन्होंने भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा संबंधी तनाव को भी चिंता का सबब करार दिया। उन्होंने इच्छा जाहिर की कि भारत-चीन सीमा तनाव का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के राजनीतिक नेतृत्व को भावुक और संकीर्ण मुद्दों से ऊपर उठकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान खेमे की राजनीति में विश्वास नहीं करता है। इस समय हमें बौद्धिक बहस के लिए ऐसे स्थानों को विकसित करने की जरूरत है, जहां वैश्विक विचार साझा किये जा सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस समय आर्थिक व रणनीतिक टकराव के साथ देश के रूप में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को तुरंत रोका जाना चाहिए। रूस की वैध सुरक्षा चिंताओं के बावजूद एक छोटे देश के खिलाफ उसकी आक्रामकता को माफ नहीं किया जा सकता है।