गोरखपुर, 26 मार्च (हि.स.)। सेना के शिक्षक जवान धनंजय यादव को गोरखपुर में गोर्रा नदी के तट पर शनिवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर सैनिक को शहीद का दर्जा देने की मांग की थी।
अंतिम संस्कार के दौरान शनिवार को घाट पर डीएम विजय किरण आनंद सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। धनंजय को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए शुक्रवार को गोरखपुर के चौरीचौरा में ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया था। परिवारीजनों ने शिक्षक हवलदार के पद पर तैनात धनंजय यादव की मौत पर सेना की तरफ से यथोचित सम्मान न मिलने का आरोप लगाया था।
जवान धनंजय यादव को शनिवार को सैनिक समान के साथ गोर्रा नदी के इटौवा घाट पर अन्तिम विदाई दी गई। इस दौरान घाट पर पहुंचे डीएम विजय किरण आनंद, एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता, एसडीएम अनुपम मिश्र, एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी, सीओ आख़िलानंद उपाध्याय, तहसीलदार विकास सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने पुष्प चक्र चढ़ाकर नमन किया।
ज्ञातव्य हो कि शुक्रवार के बवाल को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया था। शनिवार की सुबह 6 बजे ही डीएम व अन्य अधिकारी झंगहा क्षेत्र के नई बाजार पुलिस चौकी पर पहुंच गए थे। गांव में शवयात्रा की तैयारी की गई और सुबह 7 बजे शवयात्रा निकली। नौ बजे शवयात्रा इटौवा घाट पर पहुंची। वहां पर सिक्किम से आये सेना के जवानों ने सलामी दी।
पिता रामनाथ यादव के अस्वस्थ होने के कारण जवान को उसके चचेरे भाई सोनू यादव ने मुखाग्नि दी है। इकलौते बेटे की चिता को आग लगाई गई तो हज़ारों लोगों की आंखें नम हो गई। पिता फफक कर रो पड़े। इकलौते बेटे की मौत पर पूरे परिवार ही नहीं गांव में मातम छाया हुआ है। अंतिम संस्कार के दौरान सीओ गोला, बांसगांव, कैम्पियरगंज, कैंट सहित एक दर्जन थानों की पुलिस फ़ोर्स मौजूद रही।
गौरतलब है कि झंगहा थाना क्षेत्र के राघोपट्टी पडरी टोला फैलहा निवासी धनंजय यादव (30) शिक्षक हवलदार के पद पर आर्मी एजूकेशन कोर हेड क्वार्टर 112 माउंटेन बिग्रेड यूनिट 4/5 जीआर सिक्किम एचआरडीसी छातन में तैनात थे। मंगलवार को उनकी संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। परिवारीजन शव लेकर शुक्रवार को जीआरडी मुख्यालय गए। आरोप था कि धनंजय को वह सम्मान नहीं मिला जो सेना के जवान को दिया जाता है।