अनूपपुर: छग से फिर पहुंचा मप्र में हाथियों का दल, नानी- नाती पर किया हमला, नानी की मौत

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अनूपपुर, 25 मार्च (हि.स.)। राज्य के अंतिम छोर से दो हाथी जैतहरी वन परिक्षेत्र में विचरण करते हुए 23 मार्च को छत्तीसगढ़ के जंगल में चले गए। वन विभाग हाथियों पर नजर बनाए हुए था, लेकिन दूसरे हाथियों का दल जिसमें 4 हाथी दंतेल है, छत्तीसगढ़ के मरवाही के जंगल से प्रवेश करते हुए मध्य प्रदेश के सीमावर्ती गांव भेडवा टोला पहुंच गए और भेडवा नाला के किनारे बरगद के पेड़ के नीचे पूरा दिन बैठे रहे।

कुचल कर मार डाला

वन विभाग की जानकारी अनुसार 24 मार्च को 4 हाथियों का दल मरवाही के जंगल से होता हुआ छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती गांव परासी थाना मरवाही में पहुंचकर कहर बरपाया। इस दौरान घर से बाहर घूमने गए नानी-नाती पर हाथियों ने हमला कर दिया। वन विभाग ने बताया कि ग्राम परासी के धनिया बाई पिता अशोक लोनी (50) और उसका नाती राघव पिता श्यामसुंदर (6) के ऊपर जंगली हाथियों ने हमला किया। एक हाथी ने धनिया बाई को पैर से कुचल दिया। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ गए उसके नाती राघव को भी हाथियों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से मरवाही स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

वन विभाग सतर्क

वन परिक्षेत्र कोतमा अंतर्गत मलगा सर्किल के बीट पोडी के भेडवा टोला गांव में 25 मार्च को 4 हाथियों का दल प्रवेश करते हुए गांव के बाहर नाला के पास पहुंच गया। हाथियों के दल को देखकर ग्रामीण भागे और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग के सर्किल प्रभारी महिपाल सिंह बीट गार्ड दादू राम कुशवाहा, राकेश समुद्रे सहित वन अमला मौके पर पहुंचकर हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ से भी वन अमला कोतमा पहुंचा। जहां उनके द्वारा जानकारी दी गई कि हाथियों का यह दल काफी आक्रामक है और लोगों को देखते ही उनकी ओर दौड़ पड़ता है।

वनमंडाधिकारी एए अंसारी ने बताया कि हम निगरानी कर रहें हैं। लोगो को सर्तक रहने के लिए कहा जा रहा हैं। शाम को हाथियोंका समूह नजर नहीं आया हैं लगता हैं छग सीमा में चला गया।