रतलाम, 16 मार्च (हि.स.)। कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के मार्गदर्शन में तथा सहायक संचालक रवीन्द्र कुमार मिश्रा व सहायक संचालक सुश्री अंकिता पंड्या के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट सभागार में महिला शिक्षिकाओं को लेकर आज प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि पाक्सो न्यायाधीश योगेंद्र कुमार त्यागी व न्यायाधीश अरुण कुमार श्रीवास्तव सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम, प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड श्रीमती हर्षिता शर्मा उपस्थित थे।
न्यायाधीश योगेंद्र कुमार त्यागी द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 पर विस्तृत जानकारी दी गई। आयु निर्धारण को लेकर किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, दस्तावेज किस प्रकार संधारित होना चाहिए। दस्तावेज की महत्ता, जन्म प्रमाण पत्र की महत्ता व अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय में जन्म दिनांक अंकित करने का कोई ठोस आधार होना चाहिए। दस्तावेज में काटा पीटी नहीं होना चाहिए।
न्यायाधीश अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क प्रदान की जाने वाली विधिक सेवा के संबंध में तथा उन लोगों के लिए जिन्हें विधिक सेवा की आवश्यकता है टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में निवासरत कोई भी व्यक्ति विधिक सेवा ऐप के माध्यम से कहीं से भी विधिक सेवा प्राप्त कर सकता है। श्री त्यागी द्वारा अपराध से पीडि़तों के लिए संचालित अपराध पीडि़त प्रतिकार योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड रतलाम द्वारा विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के संबंध में उनकी आयु निर्धारण को लेकर जानकारी दी गई। आयु निर्धारण में कौन से दस्तावेज मान्य होंगे के सम्बंध में जानकारी दी गई तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया।
संचालन सहायक संचालक महिला बाल विकास विभाग रवीन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। राकेश कुमार तिवारी विधि सह परिवीक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्रम में विशेष सहयोग किया गया। आभार प्रदर्शन महिला शिक्षिका मीनाक्षी मलिक द्वारा किया गया।