आईआईटी रुड़की और बीआईएस के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

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हरिद्वार, 11 मार्च (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत स्थापित भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

समझौता ज्ञापन देश में मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास, शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए बीआईएस स्टैंडर्डजेशन चेयर, सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, केमिकल, भूकंप इंजीनियरिंग, जल संसाधनों का विकास, प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, बुनियादी ढांचा विकास, चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी और नैनो प्रौद्योगिकी, जैव सामग्री जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा और नेतृत्व प्रदान करेगा।

बीआईएस भारत में वस्तुओं, प्रक्रियाओं, प्रणालियों और सेवाओं के मानकीकरण, अनुरूपता मूल्यांकन और गुणवत्ता आश्वासन की गतिविधियों के सामंजस्यपूर्ण विकास के लिए एक मानक निकाय है।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के चतुर्वेदी ने कहा कि आईआईटी मानकों के महत्व के बारे में जागरुकता में सुधार के लिए बीआईएस के साथ पार्टनरशिप करके खुश है। बीआईएस चेयर प्रोफेसरशिप अकादमिक और साथ ही उद्योग में मानकों के कारण को आगे बढ़ाने में एक लंबा सफर तय करेगी।

भारतीय मानक ब्यूरो के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि बीआईएस स्टैंडर्डाइजेशन चेयर प्रोफेसर कार्यकाल के तहत, विकासशील मानकों में मौजूदा अनुसंधान और विकास परियोजनाओं के आउटपुट के एकीकरण की पहचान करने और सुविधा प्रदान करने के साथ आईआईटी रुड़की के पाठ्यक्रम में भारतीय मानकों के एकीकरण को बढ़ावा देने और आईआईटी रुड़की में मानकीकरण पर अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी शुरू करने में मदद करेंगे। यह इनोवेशन को प्रोत्साहित करने और मानकों के अनुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाएगा।