गोरखपुर, 10 मार्च (हि.स.)। गोरखपुर शहर सीट पर तीन दशक से भी अधिक समय से राज कर रहे भगवा ने अपना दायरा समूचे गोरखपुर में बढ़ा लिया है। गोरखपुर ग्रामीण का मिजाज भी भगवामय हो गया है।
वर्ष 2009 में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर प्रत्याशी का नहीं भगवा का ही सिक्का चलता रहा है। वर्ष 2012 और वर्ष 2017 के बाद लगातार तीसरी बार इस सीट पर भाजपा को जीत मिली है। भाजपा प्रत्याशी विपिन सिंह यहां से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं।
बतादें कि दोनों ही बार दूसरे स्थान पर रहे सपा प्रत्याशी विजय बहादुर यादव यहां से एक बार विधायक रह चुके हैं। ज्ञातव्य हो कि विधायक बनने का यह मौका भी भाजपा ने ही दिया था। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर सपा के प्रत्याशी जफर अमीन डक्कू को हराया था और लगभग 17 हजार वोट से जीत मिली थी। इधर, विजय बहादुर ने जब वर्ष 2017 में भाजपा छोड़ साइकिल की सवारी की तो उन्हें भाजपा प्रत्याशी विपिन सिंह से करीब चार हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा।
इस सीट के तीसरे विधानसभा चुनाव में विजय बहादुर ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, फिर भी उन्हें हार ही मिली है। हार का अंतर चार हजार से बढ़कर लगभग 30 हजार पहुंच गया है। बता दें कि तीनों ही चुनाव में भाजपा का मुकाबला सपा ने ही किया।