डाॅ नीरजा माधव को मिला ‘नारी शक्ति पुरस्कार’, साहित्यकारों में हर्ष

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वाराणसी, 08 मार्च (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मंगलवार को नगर की ख्यात साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव को ‘नारी शक्ति पुरस्कार 2020-21’ से नवाजा गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने ये पुरस्कार डॉ नीरजा माधव को दिया। डॉ नीरजा को ट्रांसजेंडरों और तिब्बती शरणार्थियों के लिए किए गए विशेष लेखन कार्यों के लिए ये पुरस्कार मिला है। डॉ नीरजा को पुरस्कार मिलने पर स्थानीय साहित्यकारों ने हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई भी दी है।

डॉ नीरजा को साहित्य अकादमी सहित कई अन्य राष्ट्रीय पुरस्कार पहले ही मिल चुका है। डाॅ. नीरजा माधव ने तिब्बती शरणार्थियों, भारत चीन सीमा विवाद पर आधारित दो उपन्यास, ‘गेशे जंपा’ व ‘देनपा : तिब्बत की डायरी’ और एक द्विभाषिक कविता ‘फ्री टिबेट’ लिखी हैं। दोनों उपन्यास को उन्होंने तिब्बत के सर्वोच्च बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को समर्पित किया है। डॉ नीरजा माधव के पति डॉ बेनी माधव शिक्षक और साहित्यकार है। डॉ नीरजा अपने वैचारिक कृति ‘अर्थात् राष्ट्रवाद’ को लेकर भी साहित्य जगत में चर्चा में रही। ‘हिंदी साहित्य का ओझल नारी इतिहास’, ‘भारत राष्ट्र और उसकी शिक्षा पद्धति’, ‘यह राम कौन हैं’, ‘तत्वबोध विवेचनी’ उन्होंने पहले ही लिखा है। डॉ. नीरजा माधव की पुस्तक ‘भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री’ का लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत कर चुके हैं। 260 पेज की पुस्तक में डॉ नीरजा ने शास्त्री जी के जीवन के कई पहलूओं की जानकारी दी है।