–महिलायें बायोजिकल कमजोर नहीं हो सकती, क्योंकि वह जननी है
प्रयागराज, 06 मार्च (हि.स.)। हर पुरूष के कामयाबी के पीछे किसी न किसी महिला का हाथ होता है। ऐसे में यदि महिलायें एक माता, एक बहन, एक सास के रूप में एक दूसरी महिलाओं का सहयोग करें तो महिलायें ऊंचे एवरेस्ट और चाँद तक का सफर तय कर सकती हैं और किया भी है। महिलायें कम्पीटशन के माध्यम से आगे रहती है लेकिन पैरवी के कारण पीछे रहती हैं।
यह बातें इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने रविवार को राजर्षि टण्डन सेवा केन्द्र बैंक रोड प्रयागराज में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय महिला परिषद् एवं लोक सेवक मण्डल और सामाजिक एकता परिषद् द्वारा आयोजित मातृ शक्ति सम्मान 2022 में महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने शहर की सात विशिष्ट क्षेत्रों में कार्य करने वाली पद्मश्री डॉ. राजबवेजा, डॉ. वीना सिंह, श्रीमती प्रभा भार्गव, डॉ. गीता सिंह, श्रीमती मंजू शर्मा, श्रीमती रसीदा खान, श्रीमती उषा गुप्ता को अंगवस्त्र मोमेन्टो बुके श्रीफल आदि देकर सम्मानित किया।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने कहा कि जिन महिलाओं को हम सम्मानित कर रहें है उनका आशिर्वाद हमें चाहिए। उन्हें सम्मानित करते हुये हम स्वयं सम्मानित हो रहे हैं। न्यायमूर्ति ने 35 महिलाओं को सामाजिक कार्यों एवं विशेष क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्मानित करते हुए कहा कि महिलाएं बायोजिकल कमजोर नहीं, क्योंकि वह जननी होती हैं।
अध्यक्षता कर रहे लोकसेवक मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा ने कहा कि राजनैतिक रूप से पिछड़े होने के कारण महिलाओं की सत्ता में प्रतिनिधित्व कम है। नारी सशक्त करने हेतु कई कानून बने हैं, फिर त्वरित न्याय नहीं होता। वहीं महिलाओं द्वारा कानून का दुरूपयोग करने के कारण इसका दुष्प्रभाव महिलाओं के रोजगार पर पड़ रहा है।
विशिष्ट अतिथि यमुनोत्री गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होकर समाज में अपनी भूमिका तय करनी चाहिए। महिलाओं के पिछड़ापन का कारण शिक्षा, स्वास्थ्य एवं गरीबी है। सामाजिक एकता परिषद् के अध्यक्ष ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न एवं त्वरित न्याय के लिए फास्ट कोर्ट का गठन होना चाहिए। अपर स्थायी अधिवक्ता श्रीमती सुभाष राठी ने कहा कि बच्चियों को सशक्त व स्वावलम्बी एवं आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
कार्यक्रम में अखिलेश मिश्र अध्यक्ष सी.डब्लू.सी, श्रीमती कविता यादव त्रिपाठी, कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र, डॉ. स्वीटी मौर्या, डॉ. नम्रता यादव, नाजरा बक्श, डॉ. अर्चना सिंह, प्रेमलता शुक्ला, श्रीमती रश्मी पोद्दार, फरिदा परवीन, अधिवक्ता कार्तिकेय, मंजू पाठक, डॉ. ईशान्या राज, प्रमिला कुशवाहा, जावेद सिद्दीकी निदेशक एनजीआईटी, राहुल देव आजाद, प्रीति त्रिपाठी, प्रभा त्रिपाठी आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन लोकसेवक मण्डल के सचिव ब्रह्म प्रकाश तिवारी एवं आभार कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी श्रीनारायण यादव ने किया।