प्रयागराज, 04 मार्च (हि.स.)। लगातार रसायनों के उपयोग से हमारी मृदा और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हम सभी की सेहत पर बहुत नुकसान हो रहा है। अतः अब कार्बनिक खेती का प्रयोग अति आवश्यक हो गया है। हम सब को परम्परागत तथा आधुनिक खेती में सामंजस्य बनाकर चलना होगा, तभी कृषि में वृद्धि होगी।
यह बातें मुख्य वक्ता सीएमपी पीजी कॉलेज प्रयागराज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ हेमलता पंत ने शुक्रवार को कुलभास्कर आश्रम पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विशेष शिविर के चौथे दिन कही। उन्होंने जैविक खेती पर सम्बोधित करते हुए बताया कि जैसे गोबर की खाद, कम्पोस्ट की केचुआ, नाडेप कम्पोस्ट, होमा फार्मिंग और जैव उर्वरक कीटनाशकों से आर्थिक उन्नत होगी और आगे की पीढ़ियों के लिए भोजन और पर्यावरण संतुलित बना रहेगा।
डॉ सूर्य नारायण, एसोसिएट प्रोफेसर उद्यान विज्ञान विभाग कुलभास्कर आश्रम पीजी कॉलेज ने बताया कि फूलों की खेती करने से किसान को कम लागत कम समय में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर उद्यान विज्ञान विभाग ने बताया कि संतुलित आहार स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ गीतांजलि मौर्य के निर्देशन में सर्वप्रथम अंतरराष्ट्रीय योगा विशेषज्ञ मोनिका सिंह के योगाभ्यास से प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ एस पी यादव ने किया। दूसरे सत्र में स्वयंसेवक एवं स्वयं सेविकाओं ने स्वच्छता अभियान चलाया और घर-घर जाकर महिला के अधिकार, नियमानुसार प्रावधान के बारे में बताया।