हरिद्वार, 04 मार्च (हि.स.)। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की ने आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (एरिज) नैनीताल के साथ शैक्षणिक सहयोग हेतु आपसी हितों के क्षेत्र में एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किये। आईआईटी रुड़की और एरिज नैनीताल शोध और शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और सोशल साइंसेज संबंधी एक-दूसरे की शक्तियों को मान्यता देते हैं और एक-दूसरे के पारंपरिक हित में स्वयं के शैक्षिक सहयोग के लिए सहभागिता कर रहे हैं। इस सहमति ज्ञापन का लक्ष्य एक-दूसरे से प्राप्त जानकारियों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रयासों से एक-दूसरे के हितों की रक्षा और लगातार विचारों के आदान-प्रदान से सहयोग करते हुए ज्ञान बढ़ाना है।
इसके अतिरिक्त आईआईटी रुड़की और एरिज ने सहमति व्यक्त की कि वे संयुक्त रूप से अनुसंधान में सहयोग करेंगे, परामर्श को बढ़ाएंगे और संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों का आदान-प्रदान करेंगे, वैज्ञानिक और तकनीकी मामलों को एक-दूसरे से साझा करेंगे, संयुक्त सम्मेलन, कार्यशालाएं और अल्पकालीन पाठ्यक्रम आयोजित करेंगे। आईआईटी रुड़की के फिजिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के विभिन्न प्रकार के टेलीस्कोप्स पर प्रोजेक्ट संबंधी गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स व कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की हो रही माइक्रोवेव इंजीनियरिंग एटमोस्फियरिक रडार पर चल रहे प्रोजेक्ट की गतिविधियों में सहभागी हो सकेंगे।कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, जो कि इसरो के भावी मिशन के अध्ययन के लिए आदित्य एल-1 मिशन से जुड़े डाटा के विश्लेषण से संबंधित है, के प्रोजेक्ट्स पर चल रही गतिविधियों में प्रतिभागिता कर सकते हैं।
इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजीत के. चतुर्वेदी ने कहा कि इस भागीदारी का उद्देश्य आईआईटी रुड़की और आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं को एक-दूसरे के समीप लाना है ताकि उनकी तत्संबंधी शक्तियों को मिलाकर वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग संबंधी समस्याओं का हल मिलकर ढूंढा जा सके।
आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट डायरेक्टर प्रो. दीपंकर बनर्जी ने कहा कि आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेस वैज्ञानिक उपकरणों को आईआईटी रुड़की को अपने श्रेष्ठ प्रयास करके प्रदान करने में सहायक होगा, जो कि एक-दूसरे के लाभ के लिए होगा और दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों को सुविधाएं प्रदान करेगा।