गाजियाबाद। जहां एक और सत्तारूढ़ भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी में स्थानीय स्तर पर काफी कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। अभी तक तो गाजियाबाद में ही समाजवादी पार्टी के लोगों के बीच मतभेद दिखाई देते थे लेकिन धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ रहा है। जिस की धमक लखनऊ तक पहुंच चुकी है। दरअसल समाजवादी पार्टी की एक अध्यक्ष पिछले दिनों पार्टी आलाकमान से मिलने लखनऊ पहुंची थी लेकिन वहां अचानक ही उन्हें वहां गाजियाबाद की युवा नेत्री मिल गई। जिसके बाद अध्यक्ष जी ने अपना आपा ही खो दिया। फिलहाल इस मामले की चर्चा पार्टी में जमकर हो रही है।
दरअसल कुछ दिन पूर्व अक्सर विवादों में रहने वाली अध्यक्ष दल बल के साथ लखनऊ गई थी। जहां महिलाओं की संख्या कम और पुरुष पदाधिकारियों की संख्या ज्यादा थी। फिलहाल आगामी विधानसभा चुनाव सिर पर है। जिसके चलते विभिन्न जिलों से महिला एवं पुरुष सपा पदाधिकारी लखनऊ चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में जब गाजियाबाद की अध्यक्ष साहिबा लखनऊ पार्टी कार्यालय पहुंची तब वहां उनकी मुलाकात सपा की एक युवा नेत्री से हो गई फिर क्या था,युवा नेत्री को देखते ही जिलाध्यक्ष साहिबा की तेवरिया चढ़ गई। जिसके बाद बाकायदा उन्होंने युवा नेत्री को निशाने पर ले लिया। युवा नेत्री कुछ देर तक अध्यक्ष साहिबा की बात सुनती रही लेकिन जब पानी सिर के ऊपर चढ़ गया तब युवा नेत्री ने भी अध्यक्ष साहिबा को करारा जवाब देना शुरू कर दिया। गनीमत रही कि बात नोकझोंक से आगे बढ़कर मारपीट तक नहीं पहुंची हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव नहीं करते तो समाजवादी पार्टी के लखनऊ मुख्यालय पर दो महिला नेत्रियों के बीच डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की रोमांचक फाइट देखने को मिल सकती थी। मगर ऐन वक्त पर पार्टी कार्यालय पर मौजूद गाजियाबाद के कुछ पदाधिकारियों ने आगे बढ़कर दोनों ही को संभाल लिया और काफी मशक्कत के बाद समझा-बुझाकर शांत किया गया।
जिसके बाद हमने पूरे मामले की पड़ताल की तब आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए दरअसल अक्सर महिला नेत्री आप जब लखनऊ जाती है तब आपस में डिस्कस कर पूरी टीम रवाना होती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। युवा नेत्री के संबंध में पता चला कि अपने रिश्तेदारों से मिलने लखनऊ गई थी जहां अचानक ही वे पार्टी कार्यालय पहुंची तब अध्यक्ष साहिबा से मुलाकात हो गई। चर्चा तो यह भी है कि गाजियाबाद से अध्यक्ष साहिबा जिन महिलाओं को अपने साथ लखनऊ ले जाती हैं, उनसे ढाई हजार रुपए प्रति महिला के हिसाब से पैसे जमा करा लेती हैं। जिसके बाद वे पार्टी के आला पदाधिकारियों एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष लखनऊ पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन कर अपने नंबर बढ़ा लेती हैं यानी कि हींग लगे न फिटकरी और रंग भी चोखा हो वाली कहावतें अध्यक्ष साहिबा पर बेहद सटीक बैठती है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी की महिला सभा में बेहद खींचतान भरा माहौल है यह के चलते आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में पार्टी को अंदरूनी चुनौतियों से भी जूझना पड़ सकता है।