जेनी ने 23 साल पुराने मामले को फिर खोलने की मांग की, हरक सिंह रावत पर लगाए दुष्कर्म के आरोप

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देहरादून, 07 नवंबर । उत्तराखंड के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर यौन शोषण और अपने बेटे का पिता होने का आरोप लगाने वाली इंदिरा देवरी उर्फ जेनी ने मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है।

शनिवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में जेनी ने बताया कि 16 वर्ष की उम्र में उनका शोषण किया गया था। उन्होंने हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कहा कि वह असम से देहरादून आई थीं और यहां ग्रीन चौक स्थित एक एसटीडी बूथ पर काम करती थीं। इसी दौरान वह हरक सिंह रावत के संपर्क में आईं।

उन्होंने दावा किया कि बाद में उन्हें राजपुर रोड स्थित नारी निकेतन के मानसिक अस्पताल में रखा गया, जहां उनसे जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। जेनी ने तत्कालीन सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच अधिकारी उनसे अस्पताल में केवल एक बार मिले थे। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्हें दस्तावेज पढ़कर नहीं सुनाए गए थे।

उन्होंने डीएनए जांच में भी गड़बड़ी की आशंका जताई और आरोप लगाया कि तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के कारण मामला दब गया।

जेनी ने कहा कि उनका बेटा पिछले 23 वर्षों से पिता की पहचान के बिना रह रहा है और अब वह अपने पिता का नाम, सरनेम और संपत्ति में अधिकार चाहता है। उन्होंने कहा कि वह अब तक चुप रहीं, लेकिन बेटे के भविष्य और अधिकारों के लिए सामने आई हैं।

जेनी के अनुसार, वह शुक्रवार को देहरादून पहुंचीं और पुलिस महानिदेशक को पत्र सौंपकर मामले को दोबारा खोलने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात और पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले उनके बेटे का डीएनए परीक्षण कराया जाना चाहिए और हरक सिंह रावत का नार्को टेस्ट भी होना चाहिए।