गोरखा दशै-दीपावली महोत्सव शुरू,भारतीय और नेपाली लोकसंस्कृति की दिखी झलक

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देहरादून, 30 अक्टूबर । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को तीन दिवसीय गोरखा दशै-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेले की शुरुआत हुई। गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। पहले दिन नेपाली, गढ़वाली, कुमाऊंनी और हिंदी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया।

वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव में विधायक सविता कपूर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत दुर्गा स्तुति से हुई। इसके बाद लोकनृत्य, समूह नृत्य, लोकगीत और संगीत की प्रस्तुतियां हुईं।

महोत्सव में नेपाली संस्कृति के पारंपरिक कौड़ा और झामरे नृत्य के साथ कुमाऊंनी तथा हिंदी समूह नृत्य प्रस्तुत किए गए। कंसाई मगर के कलाकारों ने मयूर नृत्य प्रस्तुत किया। नेपाली युगल गीत और एकल गायन की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय कलाकारों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक समूहों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

मेले में नेपाली और उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। यहां आगंतुकों को सेल रोटी, गोरखाली चटनी, फिनी, चुकानी और गुन्द्रुक सहित विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा खरीदारी के लिए भी कई स्टॉल लगाए गए हैं।

समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने बताया कि वीर गोरखा कल्याण समिति लगातार दसवें वर्ष इस महोत्सव का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य आपसी सद्भाव बढ़ाने के साथ गोरखा समुदाय की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को संरक्षित करना है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोक प्रस्तुतियों के साथ नेपाल के लोकनृत्य और संगीत भी पेश किए जाएंगे। प्रसिद्ध गायक आकाश थापा की प्रस्तुति भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी।

आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में नेपाल के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेन्द्र थापा सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के भी शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र शाही, संकल्प पंत और श्याम राणा मगर ने किया।

इस अवसर पर समिति के संरक्षक मेग बहादुर थापा, सारिका प्रधान, मेजर बीपी थापा, मेजर अमर राई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तमांग, महासचिव विशाल थापा सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।