जगदीशपुर में विकास योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की जांच की मांग

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जिले के जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों और गांवों में चल रही सरकारी विकास योजनाओं में कथित तौर पर जमकर लूट-खसोट और नियमों की अनदेखी का मामला प्रकाश में आया है।

कोला खुर्द से लेकर छोटकी योगीवीर तक, ग्रामीण सड़कों, नालों और छठ घाटों के निर्माण में व्यापक स्तर पर अनियमितता बरतने की शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंची हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मिलकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, प्रखंड के कई संवेदनशील व महत्वपूर्ण स्थानों पर सरकारी फंड से निर्माण कार्य तो कराए गए, लेकिन पारदर्शिता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। नियमों के मुताबिक हर योजना स्थल पर प्राक्कलित राशि और विवरण का सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य है, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने कुछ चुनिंदा स्थानों को चिन्हित कर सीधे सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने विशेष रूप से कोला खुर्द गांव का मामला उठाते हुए बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व यहां लगभग 500 फीट लंबे नाले का निर्माण कराया गया था. विडंबना यह है कि इस नाले का अधिकांश हिस्सा आज भी ऊपर से पूरी तरह खुला हुआ है।

ढक्कन नहीं होने के कारण आए दिन छोटे बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने 22 अगस्त 2026 को ही संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई सुध लेने नहीं आया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जांच की मांग कर रहे ग्रामीणों ने सीधे तौर पर प्रखंड प्रमुख के पति पर विकास योजनाओं में अनधिकृत रूप से हस्तक्षेप करने और वित्तीय हेरफेर कर अवैध रूप से राशि की निकासी कराने के गंभीर आरोप मढ़े हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित सभी योजनाओं के मूल अभिलेखों (फाइलों), भुगतान के वाउचरों और निर्माण की जमीनी गुणवत्ता की तकनीकी टीम से त्वरित जांच कराई जाए। स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार का कहना है कि योजनाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। किसी भी योजना की सही लागत जनता को नहीं मालूम क्योंकि कहीं भी सूचना पट्ट नहीं लगाया गया। बिना काम पूरा हुए सरकारी पैसा निकाल लिया गया है।

रोशन यादव कहते हैं किकोला खुर्द का खुला नाला बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। अगस्त महीने में ही हमने लिखित तौर पर प्रशासन को चेताया था, लेकिन आज तक इस पर ढक्कन नहीं रखे गए। हम आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।