प्रयागराज के बमरौली के ऐतिहासिक डाकघर में सजी डाक टिकट प्रदर्शनी, बच्चों ने जाना डाक विरासत का महत्व

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प्रयागराज, 16 अक्टूबर ।बमरौली स्थित ऐतिहासिक पुराने डाकघर में शुक्रवार को डाक टिकट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों को भारत की समृद्ध डाक विरासत, पुराने डाक टिकटों और पारंपरिक संचार माध्यमों से परिचित कराया गया। बच्चों ने पुराने पोस्टकार्डों पर अपनी चित्रकारी की और अंतर्देशीय पत्र लिखकर अपने परिजनों के प्रति भावनाएं व्यक्त कीं। डाक विभाग ने इन पत्रों को बच्चों के परिजनों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इससे बच्चों के परिवारों के लिए भी यह एक यादगार अनुभव बनेगा।

एयर फोर्स फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन (रीजनल), मुख्यालय मध्य वायु कमान, डाक विभाग और फिलैटेलिक सोसाइटी के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य ऐतिहासिक डाक विरासत को सहेजना और नई पीढ़ी को उसके महत्व से अवगत कराना था। ऐतिहासिक भवन की पृष्ठभूमि में आयोजित प्रदर्शनी ने बच्चों को अतीत की संचार परंपराओं को करीब से जानने का अवसर दिया।

प्रदर्शनी में बमरौली हवाई अड्डे के ऐतिहासिक महत्व और प्रारंभिक हवाई डाक सेवा से उसके जुड़ाव को विशेष रूप से दर्शाया गया। इसके लिए वायु सेना स्टेशन बमरौली और हवाई डाक सेवा से संबंधित अलग खंड प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से बच्चों को डाक व्यवस्था के विकास और संचार के इतिहास में बमरौली की भूमिका को समझने का अवसर मिला।

प्रदर्शनी में बच्चों ने पुराने पोस्टकार्डों पर चित्र बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। साथ ही, उन्होंने अंतर्देशीय पत्र लिखे, जिन्हें डाक विभाग उनके परिजनों तक पहुंचाएगा। इस गतिविधि ने बच्चों को पत्र लिखने की पुरानी परंपरा से जोड़ने के साथ ही अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।

प्रदर्शनी ने बच्चों को भारत की समृद्ध डाक टिकट विरासत की झलक दिखाने के साथ सांस्कृतिक जागरूकता और हस्तलिखित पत्राचार के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया। यह पहल अतीत और वर्तमान के बीच एक सुंदर सेतु साबित हुई। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के दौर में भी हस्तलिखित पत्रों से जुड़ी आत्मीयता, अपनापन और भावनात्मक संबंधों का महत्व बच्चों तक पहुंचाना इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही।

विंग कमांडर देबार्थो धर, जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता, रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज ने कहा कि“ऐतिहासिक डाकघर में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की समृद्ध डाक विरासत और पारंपरिक संचार माध्यमों से परिचित कराना है। बमरौली की हवाई डाक सेवा से जुड़े इतिहास को प्रदर्शित करने के साथ बच्चों को पोस्टकार्ड पर चित्रकारी करने और अपने परिजनों को पत्र लिखने का अवसर दिया गया। यह पहल बच्चों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ डिजिटल युग में भी हस्तलिखित पत्रों की आत्मीयता और महत्व को समझने में सहायक होगी।”