जयपुर, 03 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने जिले के केशोरायपाटन विधानसभा के एमएलए चुन्नीलाल बैरवा के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के संबंध में राज्य स्तरीय जांच समिति के समक्ष लंबित अपील पर तीन माह में फैसला करने को कहा है। जस्टिस आनंद शर्मा ने यह आदेश पूर्व एमएलए चंद्रकांता मेघवाल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता प्रदीप सिंह निर्वाण ने बताया कि याचिकाकर्ता ने एमएलए चुन्नीलाल बैरवा पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगाते हुए बूंदी की जिला स्तरीय छानबीन समिति से शिकायत की थी। जिला स्तरीय समिति ने उसकी शिकायत 6 मई 2024 को खारिज कर दी। इस पर याचिकाकर्ता ने 3 जून 2024 को राज्य स्तरीय जांच समिति में अपील दायर की। राज्य स्तरीय जांच समिति में उसकी अंतिम बहस 9 जुलाई 2025 को हो गई। लेकिन अभी तक उसकी अपील पर फैसला नहीं हुआ है। जबकि राज्य सरकार के 18 मार्च 2011 के परिपत्र के अनुसार राज्य स्तरीय जांच समिति में मामला दायर होने की तारीख से दो महीने में फैसला हो जाना चाहिए। यदि दो महीने में फैसला संभव न हो तो यह अवधि छह महीने तक बढाई जा सकती है। उसकी अपील पर अंतिम बहस हुए ही एक साल से ज्यादा समय हो गया है। इसके अलावा उसकी चुनाव याचिका भी हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में जांच समिति को अपील पर जल्दी फैसला करने के निर्देश दिए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जांच समिति को तीन माह में अपील पर फैसला देने को कहा है।
