जयपुर, 01 अक्टूबर । बाबा श्याम की भक्ति और भजनों से जयपुर तीन दिन तक भक्तिमय रहेगा। श्री श्याम भजन संध्या परिवार सेवा समिति का 34वां वार्षिकोत्सव 2 से 4 अक्टूबर तक खंडेलवाल कॉलेज, शास्त्री नगर परिसर में आयोजित होगा। आयोजन की शुरुआत 2 अक्टूबर को 2500 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से होगी। तीन दिवसीय आयोजन में बाबा श्याम का विशेष दरबार, आरती और ‘भजनामृत रस गंगा’ मुख्य आकर्षण रहेंगे। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्याम भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
समिति के राजू महरवाल और शंकर नाटाणी के अनुसार संस्था की पहली ज्योत 15 अगस्त 1992 को मिश्र राजाजी का रास्ता स्थित रावत भवन के एक छोटे से कमरे में ओमप्रकाश रावत ने प्रज्वलित की थी। इसके बाद प्रत्येक शनिवार बाबा श्याम की ज्योत जलाकर भजन संध्या आयोजित करने की परंपरा शुरू हुई, जो लगातार जारी है। छोटी शुरुआत से निकली संस्था आज श्याम भक्तों के बीच अपनी पहचान बना चुकी है। देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के साथ विदेशों में भी बाबा श्याम की ज्योत और भजन कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
2 अक्टूबर को कलश यात्रा श्री राधा दामोदर मंदिर, पीतल फैक्ट्री से रवाना होकर खंडेलवाल कॉलेज पहुंचेगी। करीब 2500 महिलाएं एक समान गणवेश में सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत और बाबा श्याम के भजन गाते हुए यात्रा में शामिल होंगी। यात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, तीन बैंड, चार रथ और विभिन्न झांकियां शामिल होंगी। गणेशजी, हनुमानजी, भारत माता और बाबा श्याम के रथ विशेष आकर्षण रहेंगे।
बाबा श्याम के रथ को कोलकाता के कारीगर देश-विदेश से मंगाए गए फूलों से सजाएंगे। यात्रा मार्ग में चार विशेष स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। मयूर कॉम्प्लेक्स के सामने बनाए गए विशाल मंच से पुष्पवर्षा होगी। करीब एक किलोमीटर मार्ग पर फूल बिछाए जाएंगे। वहीं 251 थालियों में दीप जलाकर बाबा श्याम की आरती की जाएगी।
3 और 4 अक्टूबर को ‘भजनामृत रस गंगा’ का आयोजन होगा। इसके लिए आधुनिक डोम तैयार किया गया है, जहां भक्तों के बैठने के साथ पंखे और कूलर की व्यवस्था रहेगी। 3 अक्टूबर शाम सात बजे आरती के साथ भजन कार्यक्रम की शुरुआत होगी। नंदकिशोर शर्मा और लखबीर सिंह लक्खा सहित विभिन्न भजन गायक बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। जयपुर और अन्य शहरों से आए कलाकार भी भजनों की प्रस्तुति देंगे।
आयोजकों ने बाहर से आने वाले श्याम भक्तों के ठहरने और बैठने की व्यवस्था की है। पूरी रात चाय और नाश्ते की सेवा उपलब्ध रहेगी। चिकित्सा, पेयजल और सुरक्षा की भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन का सीधा प्रसारण टीवी, यूट्यूब चैनल और समिति की वेबसाइट के माध्यम से किया जाएगा।