नई दिल्ली, 30 सितंबर । सिविल इंजीनियरिंग, रेलवे के लिए पीएससी स्लीपर्स का निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़ी कंपनी विशाल निर्मिती लिमिटेड का 178 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 5 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 6 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 7 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 8 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई के मेनबोर्ड प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन के अंत तक ये आईपीओ 6 प्रतिशत (0.06 गुना) सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 208 रुपये से लेकर 220 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 68 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को न्यूनतम एक लॉट यानी 68 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 14,960 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 80,90,909 शेयर जारी हो रहे हैं, जिसमें 145 करोड़ रुपये के 65,90,909 नए शेयर (फ्रेश इश्यू) और 33 करोड़ रुपये के 15,00,000 शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ एक प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 70 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 29 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस इश्यू के लिए सैफ्रॉन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
विशाल निर्मिती लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 23.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 24.98 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 247.93 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 324.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 344.13 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में गिरावट दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 91.75 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 88.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और कम होकर 87.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में लगातार इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 242.04 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 296.61 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 334.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर लगातार बढ़त हासिल हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 36.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 59.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 66.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 38.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 61.12 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 86.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 23.14 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 46.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 51.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।