संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर अपनी राजनीतिक नाकामी छिपाने की कोशिश में राहुल-तेजस्वी: उमेश सिंह कुशवाहा

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पटना, 30 सितंबर । बिहार जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि एसआईआर के नाम पर झूठा हंगामा खड़़ा कर दिल्ली और पटना के दोनों राजनीतिक युवराज राहुल गांधी और तेजस्वी यादव अपनी-अपनी राजनीतिक विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

गांवों में प्रचलित कहावत ‘नाच न जाने, आंगन टेढ़ा’ आज विपक्ष की स्थिति पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। अपनी नाकामियों पर आत्मचिंतन करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर हार का ठीकरा फोड़ना सीधे तौर पर जनादेश का अपमान है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि राजद जैसी पार्टी आज चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, जिसकी राजनीतिक पहचान ही बूथ कैप्चरिंग और मतपेटियों की लूट से रही है।

राजनीतिक रूप से नादान और अपरिपक्व तेजस्वी यादव को चुनावी प्रक्रिया पर अनर्गल सवाल उठाने से पहले अपने परिवार के शासनकाल के उस दौर को याद कर लेना चाहिए, जब सत्ता के संरक्षण में अपराधी लाठी और बंदूक के दम पर लोकतंत्र को लहूलुहान करने का काम करते थे। उस दौर में बिहार की छवि पूरे देश-दुनिया में खराब हुई थी।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि सिर्फ राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़़ा करना घोर निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि मुद्दाविहीन विपक्ष अपना जनाधार लगातार खो रहा है। बिहार में राजद और देश में कांग्रेस की राजनीतिक जमीन तेजी से सिमट रही है। अपनी राजनीतिक विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए संवैधानिक संस्थानों को कठघरे में खड़ा करना जनता को गुमराह करने की कोशिश है।