जयपुर, 21 सितंबर । लोकदेवता बाबा रामदेव की जयंती और लोकपर्व तेजा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार को गुलाबी नगरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगी नजर आई। इस मौके पर जयपुर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भव्य मेले, भजन-संध्या, जागरण और विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह से ही बाबा रामदेव और वीर तेजाजी महाराज के मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जो देर रात तक अनवरत जारी रहा। भक्तों ने मंदिरों में धोक लगाकर परिवार में सुख-समृद्धि तथा सर्पदंश व जहरीले जीव-जंतुओं से रक्षा की कामना की।
सोडाला स्थित पुराना तेजाजी मंदिर में वार्षिक मेले का भव्य आयोजन हुआ। सुबह 8 बजे विशेष अभिषेक और नयनाभिराम श्रृंगार के साथ उत्सव की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज को खीर, पूए, पूड़ी और कच्चे नारियल का भोग लगाकर दर्शन किए। शाम को मंदिर परिसर से तेजा बाबा की भव्य सवारी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने भाग लिया।
इसी प्रकार नाहरी का नाका स्थित बाबा रामदेव मंदिर में बाबा का भव्य अभिषेक कर दाल-बाटी-चूरमा का महाभोग अर्पित किया गया। वहीं मानसरोवर के वीटी रोड स्थित वीर तेजाजी मंदिर में आयोजित मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
शहर के विभिन्न देवस्थानों में विशेष पूजा-अर्चना कर अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। देर रात तक आयोजित भजन-संध्या में स्थानीय कलाकारों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान बाबा रामदेवजी के भोपाओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘रावणहत्था’ की धुन पर फड़ वाचन कर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया। ‘म्हारो हेलो सुनो जी रामा पीर…’ जैसे लोकप्रिय भजनों की गूंज से संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया।