जगदलपुर, 19 सितंबर । बस्तर परिवहन संघ की कार्यप्रणाली, वाहनों की कथित असंवैधानिक ब्लैक लिस्टिंग और स्वतंत्र परिवहन में लगातार दखल अंदाजी के विरोध में लगभग 300 ट्रांसपोर्टरों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन महाबंद का बड़ा ऐलान कर दिया है। सोमवार से शुरू हो रहे इस अनिश्चितकालीन महाबंद के कारण रायपुर से बस्तर संभाग को होने वाली दैनिक आवश्यकताओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
छत्तीसगढ़ परचून परिवहन संघ और राजधानी गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन और समस्त पीड़ित बस्तर परचून (चिल्लर) ट्रांसपोर्टर्स एवं संबद्ध व्यापारिक संगठन की ओर से जारी विज्ञप्ति में ट्रांसपोर्टर कमल गोलछा ने गंभीर आरोप लगाया है कि, बस्तर परिवहन संघ द्वारा पूर्व में हुए समझौतों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। गाड़ियों को जबरन रोकने, अवैध ब्लैक लिस्टिंग करने और निष्पक्ष व्यापार के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टर कमल गोलछा ने कहा कि व्यापारी व ट्रांसपोर्ट संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि, इस मामले में बस्तर परिवहन संघ का रुख स्पष्ट कराया जाए और स्वतंत्र परिवहन व्यवस्था बहाल करने हेतु तत्काल कड़े कदम उठाए जाएं। उन्हाेने बताया कि हाल ही में प्रशासनिक मध्यस्थता और हस्तक्षेप से इस विवाद के सुलझ जाने का दावा किया गया था। किंतु, समाधान के दावों के बीच ट्रांसपोर्टर्स द्वारा पुनः महाबंद का आह्वान प्रशासन की भूमिका और बस्तर परिवहन संघ की मंशा पर बड़े सवाल खड़े करता है। प्रश्न यह उठता है कि यदि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद विवाद का स्थाई समाधान हो चुका था, तो सोमवार से दोबारा महाबंद की नौबत क्यों आई? क्या बस्तर परिवहन संघ प्रशासन के दिशा-निर्देशों और पूर्व समझौतों को मानने से इनकार कर रहा है? इससेआम जनता और व्यापारियों को होने वाली भारी असुविधा का जिम्मेदार कौन होगा?