हरिद्वार मेकार्यशाला में उद्योगों की समस्याओं पर हुआ मंथन

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हरिद्वार, 18 सितंबर । उद्योग विभाग उत्तराखंड और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को रोशनाबाद स्थित एक होटल में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और संघों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यशाला का उद्देश्य व्यवसायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और निवेशक-अनुकूल बनाना तथा उद्योग जगत से सीधे सुझाव लेना रहा। प्रतिनिधियों ने विभागीय अनुमतियों, ऑनलाइन सेवाओं, सिंगल विंडो सिस्टम और कारोबार संचालन की व्यावहारिक चुनौतियां साझा कीं।

अपर सचिव डीपीआईआईटी

हिमानी पांडे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बेहतर कारोबारी वातावरण के लिए निरंतर काम कर रही है। उद्योगों से मिले सुझावों के आधार पर सुधारों को और प्रभावी बनाया जाएगा।

सचिव उद्योग उत्तराखंड विनय शंकर पांडे ने कहा कि सरकार प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण, समयबद्ध सेवाएं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत कर रही है, जिससे नए निवेशकों को सुविधा मिल रही है और प्रदेश में निवेश का सकारात्मक माहौल बना है।

महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि उद्योगों को बेहतर सेवाएं देने की सतत प्रक्रिया है। समस्याओं का समयबद्ध समाधान और विभागों के बीच समन्वय प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार प्रमुख औद्योगिक जनपद है और जिला प्रशासन पारदर्शी व समयबद्ध सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीक आधारित सेवाओं से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।

कार्यशाला का संचालन संयुक्त निदेशक अनुपम द्विवेदी ने किया। इस मौके पर अपर निदेशक शिखर सक्सेना, जीएम डीआईसी उत्तम कुमार तिवारी सहित कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।