डूंगरपुर, 18 सितंबर । ट्राईबल एम्प्लाइज फेडरेशन (टेफ) डूंगरपुर का छठा जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को आदिवासी कॉलेज छात्रावास, इंडस्ट्रियल एरिया में शुरू हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व कस्टम अधीक्षक हरीश रोत के मुख्य आतिथ्य एवं प्रदेश संरक्षक रमेशचंद्र कटारा की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन का समापन 19 सितंबर को होगा। दो दिवसीय आयोजन में शिक्षा, स्वास्थ्य, जैव विविधता सहित विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है।
टेफ जिलाध्यक्ष नानालाल पारगी ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना है। स्वागत उद्बोधन में राजेश कोटेड ने विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक माहौल एवं अनुकूल वातावरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि हरीश रोत ने शिक्षक को राष्ट्र निर्माता बताते हुए विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार रखे।
सम्मेलन में टेफ के प्रदेश संरक्षक प्रकाश डामोर ने विद्यार्थी जीवन में स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा की। बिछीवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष कांतिलाल खोखर ने सामाजिक कुरीतियों के विद्यार्थियों पर पड़ने वाले प्रभावों को रेखांकित करते हुए गांवों में बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग शुरू करने का आह्वान किया। सोहन रोत ने विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाया, वहीं जिला संरक्षक गौतम कोटेड ने शिक्षकों की समस्याओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में 40 प्रतिशत बाध्यता हटाने की मांग को लेकर विचार रखे। सुनील कटारा ने विद्यार्थी जीवन में संस्कारों की भूमिका, जिला उपाध्यक्ष बाबूलाल डामोर ने खेलों के महत्व तथा डूंगरपुर ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश बरांडा ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की आवश्यकता भी बताई। इंदिरा कोटड़िया ने विद्यार्थियों के लिए पोषण के महत्व पर विचार रखे, जबकि जिला संरक्षक गटूलाल अहारी ने बाल शिक्षा में हिंदी भाषा के ज्ञान की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन में लक्ष्मण बारिया, देवीलाल रोत, लोकेश रोत, देवीलाल कलासुआ, बंशीलाल कोटेड, चंदूलाल गमेती, तुलसी परमार, ललिता रोत, प्रेम नैनोमा और प्रेम कुमार कटारा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। साबला ब्लॉक से सुरेंद्र मीणा, राकेश मीणा और प्रेम कुमार ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन के दौरान संगठन के प्रमुख उद्देश्यों शिक्षा, स्वास्थ्य और जैव विविधता से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पौधारोपण करने का संकल्प लिया गया।