166 विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए शिक्षामित्रों की ड्यूटी, 184 स्कूलों में दिव्यांग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देशप्रयागराज, 18 सितंबर । विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए। यह निर्देश मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में बेसिक शिक्षा अधिकारी और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में दिए।
बैठक में मंडलायुक्त ने जनपद की बेसिक शिक्षा व्यवस्था और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की। विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही की जानकारी लेते हुए बताया गया कि जिले के 24 विकासखंडों में 2,832 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 166 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों को मुख्य सड़क पार करके विद्यालय जाना पड़ता है। इन सभी विद्यालयों में शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षामित्र बच्चों को गांव से विद्यालय तक सुरक्षित पहुंचाने और छुट्टी के बाद वापस गांव तक ले जाने में सहयोग करेंगे।मंडलायुक्त ने इस व्यवस्था की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। जसरा विकासखंड में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा बच्चों की सड़क पार कराने में किए जा रहे सहयोग की भी जानकारी दी गई। कई स्थानों पर व्यापारियों ने लाल झंडे लगाकर बच्चों की सुरक्षित आवाजाही में मदद की है।
31 विद्यालयों में अप्रोच रोड, 11 में जलभरावबैठक में बताया गया कि करीब 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड की समस्या है, जबकि 11 विद्यालयों में गड्ढों के कारण स्थायी जलभराव है। करीब 152 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन या विद्युत व्यवस्था से संबंधित समस्या है। मंडलायुक्त ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने 44 विद्यालयों के पास से हाईटेंशन विद्युत तार हटाए जाने की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
184 विद्यालयों में दिव्यांग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देशमंडलायुक्त ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की। करीब 184 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय नहीं होने की जानकारी पर उन्होंने जरूरत के अनुसार रैंप और हैंडरेल लगाने के निर्देश दिए। जहां संभव हो, वहां अलग दिव्यांग शौचालय का निर्माण शीघ्र कराने को कहा।
विद्यालयों की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों की सफाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और नगर निगम क्षेत्र के विद्यालयों के लिए संबंधित नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। लापरवाही पर प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने की कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधानों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों की बैठक दोबारा कराने के निर्देश दिए। अगली समीक्षा बैठक में उपस्थिति में हुई प्रतिशत वृद्धि की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त हस्ताक्षर तथा बैठक के फोटो भी रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को’स्टार परफॉर्मेंस’’ के रूप में प्रोत्साहित करने को कहा। ऐसे विद्यार्थियों के नाम विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित कर उन्हें मेडल और बैज से सम्मानित किया जाए। साथ ही विद्यालयों में वॉल पेंटिंग कराकर वातावरण को आकर्षक और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
शारदा अभियान से आउट ऑफ स्कूल बच्चों को जोड़ें
मंडलायुक्त ने शारदा अभियान के तहत विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का नामांकन कराने के साथ उनकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों को चिह्नित कर गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से उनके परिवारों से संपर्क करने और उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं कल्याण के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बीएसए सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।