बढ़ती महंगाई में 7500 रुपये मानदेय नाकाफी, 25 हजार करने काे लेकर अड़े आयुष प्रशिक्षु

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अयोध्या, 10 सितंबर । देवकाली स्थित राजकीय डॉ. बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बीएचएमएस (BHMS) के इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित छात्रों ने अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (OPD) सेवाओं को पूरी तरह बंद कराकर मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद छात्र परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। सहसा ओपीडी बंद होने के कारण दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

15 साल पुराना मानदेय ढांचा बदलने की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से उनके स्टाइपेंड (मानदेय) की राशि में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में उन्हें महज 7,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जो आज की कमरतोड़ महंगाई के दौर में पूरी तरह अपर्याप्त हैं। छात्रों की मांग है कि इस राशि को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें।

प्रशासन को दी चेतावनी, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा

आंदोलन को धार देते हुए छात्रों के एक शिष्टमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को अपनी मांगों के संदर्भ में एक ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक शासन स्तर से मानदेय वृद्धि का लिखित आश्वासन या आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। प्राचार्य डॉ आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं और मांगों से उच्च अधिकारियों व शासन को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार जल्द से जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, प्राचार्य ने मरीजों की दुर्दशा का हवाला देते हुए छात्रों से ओपीडी सेवाओं को तुरंत सुचारु करने और अस्पताल प्रशासन का सहयोग करने की भावुक अपील भी की है।