ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का शनिवार को होगा आगाज, जिनपिंग, पुतिन और पेजेश्कियन आएंगे भारत

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नई दिल्ली, 10 सितंबर । ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तहत सदस्य देशों और साझेदार देशों के नेताओं के लिए यहां के भारत मंडपम् में 12 एवं 13 सितंबर को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में क्लोज डोर सत्र, भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी, साझा तस्वीर, संयुक्त पौधरोपण और प्रधानमंत्री की ओर से आयोजित रात्रिभोज शामिल हैं। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 10 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के नेता शामिल होंगे। इसके अलावा 5 क्षेत्रीय संगठनों के अध्यक्ष या प्रतिनिधि तथा 7 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्राजील को छोड़कर सभी 10 सदस्य देशों के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। ब्राजील की ओर से विदेश मंत्री माउरो विएरा सम्मेलन में भाग लेंगे। वहीं चीन से राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा सम्मेलन में भाग लेंगे।

इसके अलावा ईरान से राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, मिस्र से राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इथियोपिया से प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली, इंडोनेशिया से राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, और संयुक्त अरब अमीरात से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार 12 सितंबर को दोपहर दो बजे ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का भारत मंडपम पर आगमन होगा। इसके बाद शिखर सम्मेलन सभागार में ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ विषय पर सदस्य देशों का सत्र होगा। इसी दिन शाम को भारत मंडपम में ही ब्रिक्स सदस्य देशों के नेता भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसके बाद भारत मंडपम के बाहरी लॉन में सदस्य देशों के नेता साझा तस्वीर के लिए इक्कठा होंगे। फिर संयुक्त पौधरोपण कार्यक्रम होगा। रात को प्रधानमंत्री की ओर से राजकीय रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।

रविवार सुबह ब्रिक्स साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के शासनाध्यक्षों एवं राष्ट्राध्यक्षों का भारत मंडपम में आगमन होगा। सुबह साझा तस्वीर के बाद शिखर सम्मेलन का खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता : समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य को आकार देना’ है। मंत्रालय का कहना है कि विषय ‘मानवता प्रथम’ की भावना पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। सम्मेलन में ब्रिक्स सहयोग और वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होगा।

ब्रिक्स के साझेदार देशों से बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेनकोव, बोलीविया की प्रभारी राजदूत अर्लेट गैब्रिएला बुस्टामांते गार्सिया, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पैरिला, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम हिस्सा लेंगे। नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा, थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सिहासाक फुआंगकेटकेओ, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका रोज एपेल अलुपो, उज्बेकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री जमशिद कुचकारोव तथा वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी शामिल होंगे।

सम्मेलन में क्षेत्रीय संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुख भी हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस, विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष दिलमा रूसेफ, एआईआईबी की अध्यक्ष जोउ जियायी तथा आईएसए और सीडीआरआई के प्रमुख भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

आसियान की अध्यक्षता कर रहे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर, अफ्रीकी संघ की अध्यक्षता कर रहे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्त नदायिशिमिये, जीसीसी की ओर से बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जायानी, सीईएलएसी की ओर से उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेतकिन और ईएईयू की ओर से कजाकिस्तान के राष्ट्रपति तोकायेव शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और 2012, 2016 तथा 2021 में अध्यक्ष रह चुका है। भारत ने एक जनवरी 2026 को चौथी बार अध्यक्षता संभाली। 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य राजनीतिक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय तथा सांस्कृतिक और जन-जन संपर्क के तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करना है।

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