गौरीघाट नाव हादसे की विभागीय जांच शुरू, होमगार्ड डीआईजी जबलपुर पहुंचे

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जबलपुर, 05 सितंबर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा के गौरीघाट में शुक्रवार को होमगार्ड जवानों से भरी नाव के डूबने की घटना ने विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे को होमगार्ड विभाग ने गंभीरता से लिया है। घटना के अगले ही दिन शनिवार को मध्य प्रदेश होमगार्ड के डीआईजी अमित सांगी जबलपुर पहुंचे। वे मध्य प्रदेश आपदा प्रबंधन के प्रभारी भी हैं। उनके पहुंचने के बाद हादसे की विभागीय जांच तेज कर दी गई है।

प्रारंभिक जानकारी में हादसे की दो बड़ी वजहें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी के बीच पहुंचते ही नाव का इंजन बंद हो गया था। इसके साथ ही नाव में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक जवानों को बैठाया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नाव रवाना करने से पहले उसकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच क्यों नहीं की गई।

हादसे के दौरान नाव के डूबने से अफरा-तफरी मच गई थी। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और बड़ा हादसा टल गया। यदि गोताखोर समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

डीआईजी सांगी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली है। नाव की तकनीकी स्थिति, इंजन बंद होने की वजह, नाव में सवार जवानों की संख्या, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है। राहत एवं बचाव के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की भी समीक्षा हो रही है।