जयपुर, 29 अगस्त । राजस्थान उच्च न्यायालय ने जवाहर नगर स्थित सरस्वती बालिका वरिष्ठ, उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर स्कूल में राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम की पालना नहीं होने पर एसीएस एजुकेशन व स्कूल की प्रबंधन समिति सहित अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह आदेश स्कूल कर्मचारी गजानंद शर्मा की याचिका पर दिया।
याचिका में अधिवक्ता डीपी शर्मा ने बताया कि स्कूल की प्रबंध समिति का गठन अधिनियम की धारा 9 एवं नियम 23 के अनुसार नहीं किया है। प्रबंध समिति वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही है। वहीं एक अनधिकृत संस्था की समिति की ओर से स्कूल की प्रबंध समिति के कार्य में दखल दिया जा रहा है। यह संस्था ही कथित तौर पर स्कूल के कर्मचारियों की नियुक्ति एवं उनकी सेवा संबंधी मामलों को नियंत्रित कर रही है। अदालत के पूर्व आदेश के पालन में प्रार्थी ने इस संबंध में सक्षम अधिकारी को अभ्यावेदन दिया था, लेकिन 18 मई 2026 को उसका अभ्यावेदन उठाए गए बिन्दुओं का जवाब दिए बिना ही निस्तारित कर दिया। इसलिए राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम की धारा 10 के तहत स्कूल को अधिग्रहित करें और उसमें प्रशासक की नियुक्ति हो। इसके साथ ही अनधिकृत संस्था व व्यक्तियों की ओर से स्कूल के संचालन में दखल देने पर भी रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।