तिब्बती बलिदानी लोबसांग पालदेन के बलिदान के 49वें दिवस पर धर्मशाला में निकला शांतिपूर्ण मार्च, प्रार्थना सभा भी आयोजित

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धर्मशाला, 20 अगस्त । तिब्बती बलिदानी लोबसांग पालदेन के बलिदान के 49वें दिन के अवसर पर गुरुवार को धर्मशाला में काशाग और निर्वासित तिब्बती संसद के संयुक्त तत्वावधान में प्रार्थना सभा और शांतिपूर्ण मार्च का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के लोगों और तिब्बत समर्थकों ने हिस्सा लेकर तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि दी।

वीरवार सुबह मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मठ चुगलाखांग में दो घंटे की विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसके बाद मैक्लोडगंज से धर्मशाला तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया, जिसमें तिब्बती निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री सिकयोंग पेंपा सेरिंग भी अपने सांसदों सहित सैंकड़ों तिब्बतियों के साथ पैदल मार्च करते हुए धर्मशाला पुलिस मैदान पहुंचे। मार्च के दौरान तिब्बतियों ने तिब्बत की संस्कृति, पहचान और अधिकारों के संरक्षण की मांग उठाई।

निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री सिकयोंग पेंपा सेरिंग ने कहा कि लोबसांग पालदेन ने दो जुलाई को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने चीन की नीतियों के विरोध में आत्मदाह किया था। उनकी शहादत के 49वें दिन आयोजित कार्यक्रम में तिब्बत के भीतर और बाहर अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी तिब्बती देशभक्तों को याद किया गया। उन्होंने कहा कि अब तक भारत सहित तिब्बत में 159 तिब्बती लोगों ने तिब्बत की आजादी व अधिकारों के लिए आत्महदाह किया है।

सिक्योंग ने कहा कि एक भी तिब्बती देशभक्त का बलिदान तिब्बती समाज और उनके उद्देश्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने आत्मदाह को अपनी आकांक्षाएं व्यक्त करने का एकमात्र माध्यम न मानते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष जारी रखने पर जोर दिया। उन्होंने चीन की दमनकारी नीतियों का जमकर विरोध किया और यूएनओ को इसमें जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की बात कही।

वर्ष 2009 में शुरू हुआ था आत्मदाह का सिलसिला

वहीं अगर बात आत्मदाह की करें तो यह सिलसिला वर्ष 2009 में शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक तिब्बत और चीन के अन्य हिस्सों में तिब्बत की स्वतंत्रता और चीनी दमन के विरोध में 159 से अधिक तिब्बतियों ने आत्मदाह किया है। इसके अलावा देश के बाहर निर्वासन में भी कुछ घटनाएं हुई हैं, जिससे कुल संख्या 170 से अधिक हो जाती है।