इंदौर, 14 अगस्त । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर शुक्रवार तड़के लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में एआरओ पांडेय और उनके परिवार के पास वैध आय से करीब 216 प्रतिशत यानी 1.73 करोड़ रुपये अधिक अनुपातहीन संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है।
लोकायुक्त पुलिस की करीब 20 अधिकारियों की दो अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार सुबह 6 बजे निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र कुमार पांडेय के निवास और उनकी पत्नी भावना के नाम संचालित हॉस्टल पर एक साथ दबिश दी। लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने बताया कि पांडेय विगत 31 वर्षों से नगर निगम में कार्यरत हैं और इस पूरे सेवाकाल में उनका अनुमानित वेतन करीब 80 लाख रुपये रहा है। इसके विपरीत, जांच में उनकी चल-अचल संपत्तियों व खर्च का आकलन 2.53 करोड़ रुपये से अधिक सामने आया है, जो उनकी वैध आय से 1.73 करोड़ रुपये यानी 216.35 प्रतिशत अधिक है।
पत्नी के नाम दो बहुमंजिला इमारतें, एक में हॉस्टल का संचालन
लोकायुक्त की जांच में आरोपित की पत्नी भावना पांडेय के नाम पर दो बड़ी संपत्तियों का पता चला है। जिसमें आनंद नगर एक्सटेंशन (नवलखा-चितावद): 40×50 फीट के प्लॉट पर चार मंजिला (G+3) इमारत, जिसके निर्माण की अनुमानित लागत करीब 1.20 करोड़ रुपये है। गुलमोहर का बगीचा (गजाधर नगर, चितावद): तीन मंजिला (G+2) इमारत, जिसमें हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है। इसके निर्माण में लगभग 91.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
परिजनों के नाम महंगी गाड़ियां
अधिकारियों ने बताया कि आरोपित एआरओ पांडेय ने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के नाम पर कई लग्जरी चार पहिया और दोपहिया वाहन भी खरीदे हैं, जिन पर करीब 14 लाख रुपये खर्च किए गए। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, ये आंकड़े अभी शुरुआती जांच के आधार पर हैं। बैंक खातों, लॉकर और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम और सटीक आकलन किया जाएगा।