खूंटी , 10 अगस्त । झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को तोरपा विधानसभा क्षेत्र के किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को विधायक सुदीप गुड़िया ने सदन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने तोरपा और बानो में संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रशिक्षण लेने के लिए दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए आवासीय विश्राम गृह एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था का मामला सरकार के समक्ष रखा।
विधायक ने सरकार से सवाल किया कि कृषि विज्ञान केंद्रों का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और बेहतर कृषि प्रबंधन का प्रशिक्षण देना है। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों से प्रशिक्षण के लिए आने वाले किसानों के ठहरने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने किसानों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
सरकार की ओर से सदन में दिए गए जवाब में बताया गया कि तोरपा प्रखंड में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, निसा, रांची के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र का संचालन किया जा रहा है। वहीं बानो में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कांके, रांची के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र संचालित है। सरकार ने अपने जवाब में यह भी स्वीकार किया कि बानो स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आवासीय विश्राम गृह की व्यवस्था समुचित रूप से उपलब्ध नहीं है।
विधायक ने कहा कि किसान कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले किसानों को प्रशिक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों में आवास, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था जरूरी है। इसके जवाब में सरकार की ओर से बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की पूर्ण रूप से संपोषित योजना है। इसलिए इसकी आधारभूत संरचना का विकास भारतीय कृषि विकास परिषद के अधीन है।