सुकमा के सिरहा-गुनिया सम्मेलन में पारंपरिक ज्ञान व आधुनिक चिकित्सा के समन्वय का संदेश

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सुकमा, 09 अगस्त । जिले के कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह मार्गदर्शन में पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और सशक्त बनाने की दिशा में आज रविवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। आईडीएसपी कार्यक्रम के अंतर्गत जिला अस्पताल सुकमा में सुकमा विकासखंड के सिरहा-गुनिया सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक सिरहा-गुनिया सहित जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

सम्मेलन में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में बीमारी की समय पर पहचान, उचित उपचार तथा जरूरतमंद मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाने में सिरहा-गुनिया की प्रभावशाली सामाजिक भूमिका का उपयोग करना रहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सिरहा-गुनिया के अनुभवजन्य ज्ञान एवं समाज में उनके प्रभाव की सराहना करते हुए उन्हें स्वास्थ्य विभाग के सहयोगी के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। गंभीर बीमारी, गर्भावस्था की जटिलता, मलेरिया, टीबी, सर्पदंश एवं अन्य आपात स्थितियों में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय मरीज को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचाने का संदेश दिया गया।

सम्मेलन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण एवं कुपोषण की पहचान सहित खसरा-मम्प्स, मलेरिया, उल्टी-दस्त एवं निर्जलीकरण जैसे प्रमुख स्वास्थ्य विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही लंबे समय तक खांसी, वजन कम होना, बुखार एवं रात में पसीना आने जैसे लक्षणों में टीबी की जांच कराने तथा उपचार पूरा करने के लिए लोगों को प्रेरित करने की अपील की गई। सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने और कुत्ते के काटने पर घाव को साबुन एवं बहते पानी से धोकर बिना देरी स्वास्थ्य संस्था में एंटी-रेबीज उपचार लेने की जानकारी भी दी गई।

स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल, हाथों की स्वच्छता, खुले में शौच से बचाव तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता को लेकर भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों एवं गलत धारणाओं को दूर करने में सिरहा-गुनिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आशा/मितानिन, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय कर ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामाजिक प्रभाव और पारंपरिक तंत्र को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर अंतिम व्यक्ति तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना रहा।

सम्मेलन के समापन अवसर पर सिरहा-गुनिया, जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व सेवाओं से जोडऩे, प्रत्येक बच्चे के टीकाकरण में सहयोग करने तथा मलेरिया, टीबी, खसरा-मम्प्स, सर्पदंश, डॉग बाइट एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में लोगों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा लेने के लिए प्रेरित करने पर सहमति बनी। जिला प्रशासन की यह पहल सुकमा के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने और पारंपरिक सामाजिक नेतृत्व को जनस्वास्थ्य अभियान से जोडऩे की दिशा में एक प्रभावी कदम के रूप में सामने आई।