औरैया, 28 जुलाई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में जुलाई का महीना बीतने को है, लेकिन जिले में अब तक झमाझम बारिश नहीं होने से किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। धान की फसल के लिए इस समय भरपूर वर्षा की आवश्यकता होती है, लेकिन इस बार केवल रुक-रुककर हल्की फुहारें पड़ने से खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है। नतीजतन किसानों को धान की फसल बचाने के लिए सबमर्सिबल पंपों और अन्य सिंचाई साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बारिश की कमी और लगातार बनी उमस ने खरीफ फसलों पर भी प्रतिकूल असर डालना शुरू कर दिया है। मक्का, बाजरा और हरी सब्जियों की फसलों में कीट एवं विभिन्न रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। उत्पादन घटने की आशंका के बीच किसानों ने फसलों को बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है। सोमवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन तेज बारिश नहीं होने से किसानों को मायूसी हाथ लगी।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार मात्र चार किलोमीटर प्रति घंटा रहने से वातावरण में उमस काफी बढ़ गई, जिससे आम जनजीवन भी प्रभावित रहा और लोगों को दिनभर गर्मी का सामना करना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि तापमान में एक-एक डिग्री का बदलाव भी फसलों की वृद्धि पर असर डालता है। फिलहाल भारी बारिश या मौसम में किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें तथा कीट एवं रोगों के नियंत्रण के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही दवाओं का प्रयोग करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।