बिहार बंद बेअसर: प्रशासन की सख्ती के कारण जनजीवन रहा सामान्य - सरस जनवाद

बिहार बंद बेअसर: प्रशासन की सख्ती के कारण जनजीवन रहा सामान्य

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सीवान, 25 जुलाई । नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा नई दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को आईसा और आरवाइए के आह्वान पर आयोजित बिहार बंद सीवान में पूरी तरह बेअसर साबित हुआ। प्रशासन की सख्ती और पहले से की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के कारण जनजीवन सामान्य रहा।

शुक्रवार शाम जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने सशस्त्र बलों के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकालकर कानून-व्यवस्था का संदेश दिया था। इसका असर शनिवार को साफ दिखाई दिया। सरकारी कार्यालय, निजी संस्थान और बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे तथा लोगों की आवाजाही निर्बाध जारी रही।

शनिवार सुबह करीब नौ बजे आईसाऔर आरवाइए के नेता एवं कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए जेपी चौक पहुंचे और सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही एसपी पूरन कुमार झा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली कर आम लोगों के आवागमन में बाधा नहीं डालने की अपील की।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कुछ देर तक माहौल गरमाया रहा, लेकिन पुलिस के सख्त रुख के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और किनारे खड़े होकर प्रदर्शन जारी रखा, जिससे यातायात फिर सामान्य हो गया।

बाद में बड़ी संख्या में छात्र जेपी चौक पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तथा छात्र आंदोलन पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।

हालांकि बंद के आह्वान के बावजूद शहर में कहीं भी व्यापक असर नहीं दिखा। बाजार खुले रहे, वाहन चलते रहे और आम लोगों की दिनचर्या सामान्य रही। प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड में रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।