अजमेर, 21 जुलाई । ऐतिहासिक आनासागर झील के संरक्षण और सफाई को लेकर अजमेर में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर निगम और पंचायती राज चुनावों से पहले दोनों दल झील संरक्षण के मुद्दे पर अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच पहुंच रहे हैं। कांग्रेस ने 23 जुलाई को ‘अजमेर बंद’ का आह्वान किया है, जबकि भाजपा 22 जुलाई से तीन दिवसीय सफाई महाअभियान चलाएगी।
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में मंगलवार को आगरा गेट से दिल्ली गेट तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आनासागर झील में लगातार मछलियों की मौत और दुर्गंध से शहर में संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि झील की डी-सिल्टिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी।
कांग्रेस ने 23 जुलाई को प्रस्तावित ‘अजमेर बंद’ को सफल बनाने के लिए व्यापारियों और विभिन्न संगठनों से समर्थन मांगा है। पार्टी के अनुसार श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ, पूज्य पंचायत सब्जी मंडी ब्यावर रोड, अजमेर स्कूल वैन ऑनर्स संस्था, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघ (जिला शाखा), राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन तथा खाइलेंड मार्केट विकास समिति सहित विभिन्न संगठनों ने समर्थन की घोषणा की है। बंद के दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस और दवा दुकानों को इससे मुक्त रखा गया है।
कांग्रेस ने 22 जुलाई को सुबह 11 बजे कांग्रेस कार्यालय से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वाहन रैली निकालने की भी घोषणा की है। दूसरी ओर भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने 22 जुलाई से तीन दिवसीय आनासागर झील संरक्षण एवं सफाई महाअभियान चलाने की घोषणा की है। भाजपा का कहना है कि झील संरक्षण के लिए जनभागीदारी के साथ सफाई अभियान संचालित किया जाएगा।
कांग्रेस के पैदल मार्च में आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, महेंद्र सिंह रलावता, द्रौपदी कोली, फखरे मोईन, महेंद्र चौधरी, मुकेश पंवार, शैलेंद्र अग्रवाल, चंदन सिंह, लक्ष्मी धौलखेड़िया, गजेंद्र रलावता, ईश्वर टहल्याणी, नितिन जैन, अमित गर्ग, नवीन कच्छावा, मनीष सैन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।